India Real Estate: ₹1 ट्रिलियन के लक्ष्य पर संकट! रियल एस्टेट को चाहिए $600 बिलियन, फंडिंग में भारी कमी

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Real Estate: ₹1 ट्रिलियन के लक्ष्य पर संकट! रियल एस्टेट को चाहिए $600 बिलियन, फंडिंग में भारी कमी
Overview

भारत के रियल एस्टेट सेक्टर को **2030** तक **$1 ट्रिलियन** के बाजार तक पहुंचने के लिए अगले दशक में करीब **$600 बिलियन** की जरूरत है। डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ पर फोकस है। हालांकि, किफायती आवास (affordable housing) और छोटे डेवलपर्स के लिए कैपिटल जुटाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे फंडिंग गैप पैदा हो रहा है और सप्लाई प्रभावित हो रही है।

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क्यों है रियल एस्टेट को इतने फंड की जरूरत?

भारत के रियल एस्टेट मार्केट को अगले दस सालों में $1 ट्रिलियन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए लगभग $600 बिलियन कैपिटल की आवश्यकता होगी। डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट जैसे प्रमुख ग्रोथ एरिया में भारी निवेश आने की उम्मीद है।

कैपिटल की कमी और मांग में अंतर

हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती किफायती आवास (affordable housing) और छोटे डेवलपर्स के लिए फंड की उपलब्धता है। बड़े डेवलपर्स और बड़े शहरों के प्रोजेक्ट्स ही इंस्टीट्यूशनल निवेशकों को आकर्षित कर पा रहे हैं। इसके कारण छोटे शहरों और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंड की कमी देखी जा रही है।

इसका असर सप्लाई पर भी दिख रहा है। Q1 2026 में लॉन्च हुए घरों में 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों का हिस्सा घटकर सिर्फ 10% रह गया है, जो 2021 में 26% था। वहीं, 1.5 करोड़ रुपये से ऊपर के प्रीमियम घरों का हिस्सा बढ़कर 53% हो गया है। देश में शहरी आवास की कमी लगभग 10 मिलियन यूनिट्स है, और 2030 तक 25 मिलियन अफोर्डेबल घरों की तत्काल जरूरत है।

सरकारी सहायता और मार्केट की परिपक्वता

रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए, भारत सरकार ने 2019 में SWAMIH Fund की शुरुआत की थी। इस फंड ने करीब 60,000 घरों को पूरा करने में मदद की है और 100,000 से अधिक यूनिट्स को पूरा करने की योजना है। बजट 2025-26 में SWAMIH Fund 2.0 पेश किया गया, जो ₹15,000 करोड़ का फंड है और इसका लक्ष्य 100,000 और अटके हुए यूनिट्स को पूरा करना है। रिटेल फाइनेंस की ओर, PMAY-Urban 2.0 का लक्ष्य 10 मिलियन अतिरिक्त शहरी घर बनाना है। अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (AHFCs) को FY26-27 में 20-21% एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ की उम्मीद है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) मार्केट भी परिपक्व हो रहा है, हालांकि विकसित बाजारों की तुलना में इसका प्रवेश अभी भी कम है, जिसमें लगभग 37% योग्य ऑफिस स्टॉक ही लिस्टेड है।

सेक्टर-वार ग्रोथ ड्राइवर्स और जोखिम

डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ की उम्मीद है, जहां ग्लोबल निवेशकों की रुचि बढ़ी है। GCC निवेशक ऑफिस डेवलपमेंट में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दिखा रहे हैं। हालांकि, इस सेक्टर को भू-राजनीतिक तनाव और मार्केट की अस्थिरता जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। अफोर्डेबल हाउसिंग सप्लाई में बढ़ता अंतर और कैपिटल का एक जगह केंद्रित होना, मार्केट के समान विकास के लिए संरचनात्मक जोखिम पैदा करते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.