India Real Estate: विदेशी निवेशकों की भारत पर मेहरबानी, Q3 में **$2.1 बिलियन** का बंपर निवेश

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Real Estate: विदेशी निवेशकों की भारत पर मेहरबानी, Q3 में **$2.1 बिलियन** का बंपर निवेश

साल 2026 की तीसरी तिमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश **$2.1 बिलियन** तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले **20%** ज्यादा है। इस बार विदेशी निवेशकों का दबदबा रहा और डेटा सेंटर्स उनकी पहली पसंद बने।

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूती दिखाई है। कुल निवेश $2.1 बिलियन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20% की उछाल है। अगर बात इस साल के पहले नौ महीनों की करें, तो कुल निवेश $5.5 बिलियन पर पहुंच चुका है, जो पिछले साल से 11% अधिक है।

विदेशी निवेशकों की वापसी

इस तिमाही का सबसे बड़ा बदलाव विदेशी निवेशकों की सक्रियता है। पिछले चार क्वार्टर से घरेलू निवेशकों का बोलबाला था, लेकिन इस बार कुल निवेश का 68% यानी $1.4 बिलियन विदेशी कैपिटल से आया है। तिमाही आधार पर विदेशी निवेश में 64% की जोरदार बढ़त देखी गई है।

डेटा सेंटर्स पर दांव

निवेशकों का फोकस पारंपरिक ऑफिस स्पेस से हटकर अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर शिफ्ट हो गया है। कुल निवेश का 52% हिस्सा डेटा सेंटर्स को मिला है। वहीं, ऑफिस स्पेस को मात्र 9% और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को 15% निवेश प्राप्त हुआ।

घरेलू निवेश में सुस्ती

घरेलू संस्थाओं ने इस तिमाही में $0.7 बिलियन का निवेश किया, जो पिछले क्वार्टर के मुकाबले 34% कम है। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय में किए गए भारी निवेश के बाद यह एक सामान्य 'कूलिंग' है।

निवेश का जरिया

लेनदेन के ढांचे पर नजर डालें तो 88% निवेश प्राइवेट इक्विटी फंड्स के जरिए हुआ, जबकि REITs ने 12% हिस्सेदारी संभाली। मुंबई और दिल्ली-NCR जैसे बड़े शहरों में निवेश का केंद्र बना रहना जारी है, जहां 76% डील मल्टी-सिटी रही हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि डेटा खपत की बढ़ती मांग को देखते हुए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में यह पैसा कब तक बरसता रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.