India REIT Market: लिस्टिंग के लिए तैयार 370 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India REIT Market: लिस्टिंग के लिए तैयार 370 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस!

भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के लिए एक बड़ी खबर आई है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में लगभग **370 मिलियन वर्ग फुट** ग्रेड ए ऑफिस स्पेस REITs में शामिल होने के योग्य है। यह भारतीय REITs बाजार के लिए एक बड़ा अवसर है, जिसकी मार्केट कैप अब **₹2.1 लाख करोड़** से अधिक हो चुकी है।

बढ़ता हुआ ऑफिस स्पेस REITs के लिए तैयार

भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर एक नए ग्रोथ फेज में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा हाई-क्वालिटी ऑफिस एसेट्स रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के लिए तैयार हो रहे हैं। Colliers की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि भारत के सात प्रमुख शहरों में लगभग 370 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड ए ऑफिस स्पेस को REIT पोर्टफोलियो में जोड़ा जा सकता है। यह आंकड़ा काफी अहम है, क्योंकि यह मौजूदा 163 मिलियन वर्ग फुट के दोगुने से भी ज्यादा है, जो अभी लिस्टेड ऑफिस REITs के प्रबंधन में है।

प्रमुख शहरों में कहां है सबसे ज्यादा पोटेंशियल?

नए लिस्टिंग की संभावना वाले ऑफिस स्पेस का एक बड़ा हिस्सा दक्षिणी टेक्नोलॉजी हब, खासकर हैदराबाद और बेंगलुरु में केंद्रित है। ये दोनों शहर मिलकर लगभग 40% योग्य ऑफिस स्पेस का हिस्सा रखते हैं। जहां बेंगलुरु पहले से ही लिस्टेड REIT सेगमेंट में एक मजबूत लीडर है, वहीं हैदराबाद अपनी बढ़ती हाई-ग्रेड एसेट्स के कारण इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का ध्यान खींच रहा है। चेन्नई भी एक अनोखा मामला पेश करता है, जहां टॉप भारतीय शहरों में सबसे कम 8% REIT पेनिट्रेशन है, लेकिन यहां ऑफिस स्पेस का एक बड़ा स्टॉक है जो इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट के लिए आवश्यक क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करता है।

भारतीय REITs का ग्रोथ और इंस्टीट्यूशनलाइजेशन

भारत में REITs मार्केट 2019 से काफी एक्टिव रहा है। इस सेक्टर में अब सात लिस्टेड REITs और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) शामिल हैं, जो ऑफिस स्पेस, रिटेल एसेट्स और इंडस्ट्रियल या वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट्स को कवर करते हैं। इन इंस्ट्रूमेंट्स की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹60,500 करोड़ से बढ़कर ₹2.1 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। यह ग्रोथ ग्लोबल और डोमेस्टिक कंपनियों से लगातार लीजिंग डिमांड के साथ-साथ रेगुलेटरी डेवलपमेंट से भी समर्थित है, जिसने सेक्टर में अधिक पारदर्शिता लाई है।

मार्केट स्ट्रक्चर्स का विस्तार

पारंपरिक बड़े REITs के अलावा, मार्केट में स्मॉल और मीडियम REITs (SM-REITs) भी पेश किए जा रहे हैं। ये स्ट्रक्चर्स, फ्रैक्शनल ओनरशिप प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त ओवरसाइट के साथ, पार्टिसिपेशन बढ़ाने और मार्केट को गहरा करने का लक्ष्य रखते हैं। इन्वेस्टर्स के लिए, REITs में अधिक एसेट्स का समावेश आम तौर पर कमर्शियल रियल एस्टेट यील्ड्स तक व्यापक पहुंच प्रदान करता है, जो पारंपरिक रूप से रेंटल इनकम और प्रॉपर्टी एप्रिसिएशन से संचालित होते हैं। अगला महत्वपूर्ण फैक्टर यह होगा कि इस 370 मिलियन वर्ग फुट योग्य स्पेस को किस दर पर ट्रेडेबल REIT यूनिट्स में बदला जाता है, क्योंकि यह नए सप्लाई की गति और मौजूदा यील्ड्स पर संभावित प्रभाव को निर्धारित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.