India Office Rents: प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ी! खाली जगह घटी, किराए में आएगी तेजी

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Office Rents: प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ी! खाली जगह घटी, किराए में आएगी तेजी

भारत का कमर्शियल ऑफिस मार्केट (Commercial Office Market) किराए में तेज बढ़ोतरी की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि प्रमुख शहरों में खाली जगहों (Vacancy) का स्तर लगातार कम हो रहा है। हालांकि, 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक अनिश्चितता के कारण लीजिंग एक्टिविटी (Leasing Activity) में मामूली गिरावट आई, लेकिन IT और फाइनेंशियल फर्मों की मजबूत मांग इस सेक्टर को सहारा दे रही है।

ऑफिस मार्केट में क्यों आ रहा है बदलाव?

भारत का रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) अब टाइट मार्केट कंडीशंस (Tighter Market Conditions) में प्रवेश कर रहा है। नए आंकड़ों से पता चलता है कि ऑफिस में खाली जगहों का स्तर घट रहा है, जबकि किराए में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के सात प्रमुख ऑफिस बाजारों में कुल खाली जगह (Vacancy Rate) 12.9% पर आ गई है। यह पिछले साल की तुलना में 190 बेसिस पॉइंट की गिरावट है, जो यह दर्शाता है कि तुरंत कब्जा देने लायक ऑफिस स्पेस की सप्लाई सीमित हो गई है।

लीजिंग और मार्केट परफॉर्मेंस

सेक्टर मजबूत बना हुआ है, लेकिन दूसरी तिमाही में इसे कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ग्रॉस लीजिंग एक्टिविटी (Gross Leasing Activity) में साल-दर-साल 3% की गिरावट देखी गई, जो कुल 20.6 मिलियन वर्ग फुट रही। मार्केट एनालिसिस (Market Analysis) से पता चलता है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष जैसी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण कुछ कॉर्पोरेट कंपनियों ने सावधानी बरतते हुए ऑफिस विस्तार (Office Expansion) के फैसलों को टाल दिया। नेट लीजिंग (Net Leasing) में 19% की बड़ी गिरावट आई और यह 11.1 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया।

मांग और सप्लाई का समीकरण

इन छोटी-मोटी देरी के बावजूद, मांग मजबूत बनी हुई है। बेंगलुरु (Bengaluru) राष्ट्रीय बाजार में 31% कुल मांग और 53% नई ऑफिस सप्लाई के साथ सबसे आगे है। शहर में सबसे कम 8.7% की वेकेंसी रेट है। वहीं, नेशनल कैपिटल रीजन (National Capital Region) ने एक अहम पड़ाव हासिल किया है, जहां 2012 के बाद सबसे कम वेकेंसी रेट दर्ज की गई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (Mumbai Metropolitan Region) में भी वेकेंसी घटकर 8.9% रह गई है।

कौन सी कंपनियां कर रहीं हैं ज्यादा लीज?

ऑक्यूपेंसी (Occupancy) में बढ़ोतरी विभिन्न सेक्टर्स से आ रही है। IT और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) फर्मों ने 22% लीजिंग वॉल्यूम में योगदान दिया, इसके बाद फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स (Flexible Workspace Operators) 20% पर और फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) कंपनियां 19% पर रहीं। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centres - GCCs) की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने इस अवधि में कुल ग्रॉस लीजिंग का लगभग 38% हिस्सा कवर किया। ये कंपनियां हाई-क्वालिटी ऑफिस स्पेस को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे किराए में स्थिरता बनी हुई है।

भविष्य का अनुमान

बाजार को 2028 तक 171 मिलियन वर्ग फुट की नई ऑफिस सप्लाई पाइपलाइन (New Office Supply Pipeline) की उम्मीद है। एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में सालाना 55 मिलियन से 60 मिलियन वर्ग फुट के बीच निर्माण होगा। यह गति मांग के अनुरूप रहने की उम्मीद है, जिससे ओवरसप्लाई (Oversupply) की स्थिति से बचा जा सकेगा जो किराए पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों के लिए, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रोजेक्ट कंप्लीशन (Project Completion) की रफ्तार क्या रहती है और क्या मल्टीनेशनल कंपनियों (Multinational Corporations) की मांग नई सप्लाई के सामने किराए में बढ़ोतरी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.