India Office Rents: GCC की डिमांड से किराए में 9% उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Office Rents: GCC की डिमांड से किराए में 9% उछाल

भारत में प्रीमियम ऑफिस स्पेस के किराए में जोरदार तेजी देखने को मिली है। 2026 की पहली छमाही में औसत किराया **9%** बढ़कर **₹96** प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की बढ़ती मांग और नई सप्लाई पर लगाम लगने से ऑफिस स्पेस की वैकेंसी रेट घटकर **15%** रह गई है।

GCC की डिमांड से बढ़ी प्रॉपर्टी की चमक

2026 की पहली छमाही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर में दबदबा बनाया है। इन सेंटर्स ने 19.2 मिलियन वर्ग फुट से ज़्यादा ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 41% से बढ़कर कुल लीजिंग का 45% हो गया है। AI, साइबर सिक्योरिटी और R&D जैसे अहम कामों के लिए GCCs भारत के टैलेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

प्रमुख शहरों में किराए का हाल

किराए में बढ़ोतरी मुख्य रूप से बेंगलुरु, हैदराबाद और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) जैसे बड़े शहरों में हुई है, जहां किराए में सालाना 10% का इजाफा हुआ है। बेंगलुरु भारत का सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बना हुआ है, जहां GCCs अब कुल लीजिंग एक्टिविटी का 70% हिस्सा हैं। हालांकि, हैदराबाद में वैकेंसी रेट घटकर 23.5% हो गया है (जो पिछले साल 26.6% था), लेकिन यह अभी भी टॉप 7 शहरों में सबसे ज़्यादा है। वहीं, बेंगलुरु की वैकेंसी रेट घटकर 10.8% पर आ गई है।

सप्लाई पर कंट्रोल से मार्केट में संतुलन

डेवलपर्स ने नई सप्लाई को लेकर सावधानी बरती है। टॉप 7 शहरों में कुल ऑफिस कंप्लीशन पिछले साल के मुकाबले 10% घटकर 22.15 मिलियन वर्ग फुट रहा। किराए पर दबाव डालने वाली ओवरसप्लाई से बचने के लिए नए कंस्ट्रक्शन को ऑक्यूपायर की जरूरत के हिसाब से अलाइन किया गया है। GCCs के अलावा, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग फर्म्स और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स की ओर से भी डिमांड देखी जा रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.