India Office Market: प्रीमियम ऑफिस की रिकॉर्ड लीजिंग, मिड-टियर में मंदी

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Office Market: प्रीमियम ऑफिस की रिकॉर्ड लीजिंग, मिड-टियर में मंदी
Overview

भारत का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट इस वक्त बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और प्रीमियम, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के चलते 'ग्रेड ए' ऑफिस स्पेसेस में रिकॉर्ड लीजिंग हो रही है। वहीं, दूसरी ओर, मिड-टियर और सेकेंडरी प्रॉपर्टीज में किरायेदारों की दिलचस्पी कम होती दिख रही है, क्योंकि कंपनियाँ अब बेहतर क्वालिटी वाली एसेट्स की ओर रुख कर रही हैं।

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साउथ के शहरों का दबदबा

Anarock Research के मुताबिक, भारत के टॉप सात शहरों में 2025 के दौरान नेट लीजिंग 5.82 करोड़ वर्ग फुट (58.2 million sq. ft.) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह पिछले साल के मुकाबले 17% की बड़ी बढ़ोतरी है। इस बढ़त में बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे दक्षिणी शहरों का बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने कुल लीज पर ली गई जगह का लगभग आधा हिस्सा हासिल किया। अकेले बेंगलुरु में 14.95 मिलियन वर्ग फुट (14.95 million sq. ft.) की लीजिंग हुई, जबकि हैदराबाद और चेन्नई ने भी सालाना ठोस ग्रोथ दर्ज की।

GCCs बन रहे हैं गेम चेंजर

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) इस मार्केट ट्रेंड में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 2025 में ग्रेड ए ऑफिस लीज का 41% हिस्सा GCCs ने लिया, और 2026 की पहली तिमाही तक यह बढ़कर 47% हो गया। दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा अपने ऑपरेशन्स के लिए बड़े ऑफिस स्पेस सुरक्षित करने के साथ यह मांग खास तौर पर देखी जा रही है।

खाली पड़े ऑफिसों की घटती संख्या

टॉप सात शहरों में ग्रेड ए ऑफिस के लिए वकेंसी रेट (Vacancy Rate) 2025 में घटकर 16.1% रह गया और 2026 की शुरुआत तक यह और गिरकर 15.5% पर आ गया। चेन्नई में तो 2019 के बाद सबसे कम वकेंसी रेट, सिर्फ 8.8% दर्ज किया गया। दूसरी ओर, पुराने और सेकेंडरी-ग्रेड की बिल्डिंग्स में काफी ज्यादा वकेंसी, अक्सर 20% से 25% के बीच है, क्योंकि कंपनियाँ सक्रिय रूप से उच्च-गुणवत्ता वाली जगहों को चुन रही हैं।

किराए में उछाल और नए सप्लाई पर नजर

ग्रेड ए ऑफिस अब मिड-टियर प्रॉपर्टीज की तुलना में 20% तक का रेंटल प्रीमियम (Rental Premium) वसूल रहे हैं। 2025 में ग्रेड ए स्पेसेस के लिए औसत मासिक किराया 6% बढ़कर ₹92 प्रति वर्ग फुट हो गया, और 2026 की शुरुआत तक यह मामूली बढ़कर ₹93 प्रति वर्ग फुट हो गया। बेंगलुरु में किराए में खास तौर पर मजबूत बढ़ोतरी देखी गई, जहाँ 2026 की पहली तिमाही में पिछले तिमाही से 11% किराए बढ़े। डेवलपर्स ने 2025 में 5.2 करोड़ वर्ग फुट (52 million sq. ft.) नए ग्रेड ए ऑफिस स्पेस बाज़ार में उतारे, जिसमें दक्षिणी शहरों का हिस्सा आधे से ज्यादा था।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.