India Office Leasing: भारत के ऑफिस बाज़ार में तूफानी तेज़ी, Gurugram और Noida सबसे आगे

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Office Leasing: भारत के ऑफिस बाज़ार में तूफानी तेज़ी, Gurugram और Noida सबसे आगे
Overview

India के ऑफिस मार्केट ने **2026** की पहली तिमाही (Q1) में ज़बरदस्त शुरुआत की है। इस दौरान कुल लीजिंग (Leasing) **15%** बढ़कर लगभग **1.8 करोड़ वर्ग फुट** (18 million sq ft) पर पहुंच गई। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और टेक फर्म्स इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़े ड्राइवर रहे, जिन्होंने प्रीमियम ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की डिमांड को नई ऊंचाई दी है।

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क्वालिटी पर फोकस, क्यों बढ़ी डिमांड?

2026 की पहली तिमाही के ये नतीजे साफ दिखाते हैं कि भारत के प्राइम बिजनेस इलाकों में हाई-क्वालिटी वाले ऑफिस स्पेस की डिमांड कितनी तेज़ी से बढ़ी है। Gurugram और Noida जैसे शहर इस ट्रेंड में सबसे आगे हैं, जहाँ लगातार हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और ग्रेड ए (Grade A) एसेट्स पर फोकस कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। अब कंपनियाँ सिर्फ लोकेशन नहीं, बल्कि एडवांस डिजिटल फीचर्स, सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के मापदंडों और बेहतर कनेक्टिविटी वाले मॉडर्न वर्कस्पेस को प्राथमिकता दे रही हैं। यह कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी और एम्प्लॉइज की एक्सपेक्टेशंस में बदलाव को दर्शाता है।

ग्रेड ए और ग्रीन बिल्डिंग्स की डिमांड

इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में कुल लीजिंग का लगभग 93% हिस्सा ग्रेड ए ऑफिस एसेट्स का रहा। यह ऑफिस लोकेशन चुनने के पुराने तरीकों से एक बड़ा बदलाव है, जहाँ अब इंटीग्रेटेड सिस्टम्स, डिजिटल रेडीनेस और लॉन्ग-टर्म बिल्डिंग परफॉरमेंस को तरजीह दी जा रही है। LEED या IGBC जैसे ग्रीन सर्टिफिकेशन वाले बिल्डिंग्स तेज़ी से लीज हो रहे हैं और बेहतर रेंट हासिल कर रहे हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन ग्रीन स्पेसेस के लिए 10% से 15% तक का रेंटल प्रीमियम मिल रहा है। Noida एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर, नए Noida इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण, एक टॉप डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है। यह ग्रेड ए+ मैनेज्ड ऑफिस के लिए 8% से 12% तक का रेंटल यील्ड (Rental Yield) दे रहा है।

टॉप मार्केट्स और रेंटल ग्रोथ

देश के टॉप आठ शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग 2026 की पहली तिमाही में 6% बढ़कर लगभग 3 करोड़ वर्ग फुट (29.9 million sq ft) पर पहुंच गई। हालांकि, कुछ खास माइक्रो-मार्केट्स इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। NCR रीजन में Gurugram एक टॉप ऑफिस मार्केट बना हुआ है, खासकर Golf Course Extension Road जैसे प्रीमियम इलाकों में काफी रुचि देखी जा रही है। Noida एक्सप्रेस-वे उन कंपनियों के लिए एक मुख्य हब बनकर उभर रहा है जो कॉस्ट और क्वालिटी के बीच संतुलन बनाना चाहती हैं। नेशनल लेवल पर, Bengaluru ने Q1 2026 में 92 लाख वर्ग फुट (9.2 msf) लीजिंग के साथ टॉप किया, इसके बाद Hyderabad (59 लाख वर्ग फुट - 5.9 msf), Mumbai (56 लाख वर्ग फुट - 5.6 msf) और NCR (40 लाख वर्ग फुट - 4.0 msf) रहे। NCR और Kolkata ने 15% ईयर-ऑन-ईयर रेंटल ग्रोथ दर्ज की। NCR और Bengaluru दोनों ही ₹100 प्रति वर्ग फुट (₹100 per sq ft) का औसत रेंट पार करने वाले पहले शहर बन गए हैं। बड़े मार्केट्स में वैकेंसी रेट लगातार गिरकर लगभग 13.85% से 15.3% पर आ गया है, जो पिछले 11 तिमाहियों में सबसे बड़ी गिरावट है। यह टाइट मार्केट कंडीशंस का संकेत है।

आगे की राह में चुनौतियाँ

इस पॉजिटिव मोमेंटम के बावजूद, इंडियन ऑफिस मार्केट के सामने कुछ संभावित चुनौतियाँ भी हैं। कुल लीजिंग का लगभग आधा हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) से आता है, इसलिए मार्केट उनकी निरंतर ग्रोथ और स्टेबिलिटी पर निर्भर है। इसके अलावा, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और वेस्ट एशिया में चल रहा संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक तनाव, कॉर्पोरेट एक्सपेंशन प्लान्स को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल डिमांड नई सप्लाई से ज्यादा है, लेकिन 2026-27 में पूरी होने वाली ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की बड़ी मात्रा लोकल ओवरसप्लाई का कारण बन सकती है, अगर लीजिंग की रफ्तार धीमी पड़ जाए। पुराने ऑफिस, जिनमें मॉडर्न एमिनिटीज, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी फीचर्स नहीं हैं, उन्हें ज़्यादा वैकेंसी और कम रेंट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कंपनियाँ 'फ्लाइट टू क्वालिटी' को प्राथमिकता देना जारी रखेंगी।

मार्केट आउटलुक और अनुमान

इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इंडिया का ऑफिस मार्केट 2026 तक मजबूत बना रहेगा। ग्रेड ए ऑफिस की डिमांड 7 से 7.5 करोड़ वर्ग फुट (70-75 million sq ft) तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि नई सप्लाई लगभग 6 से 6.5 करोड़ वर्ग फुट (60-65 million sq ft) के आसपास रह सकती है। यह एक हेल्दी बैलेंस का संकेत देता है, हालांकि प्राइम लोकेशंस पर स्पेसेस और टाइट हो सकते हैं। GCCs की डिमांड में 40-50% हिस्सेदारी के साथ ग्रोथ को लीड करने का अनुमान है। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स का हिस्सा भी बढ़कर कुल लीजिंग का 20-25% हो सकता है। Bengaluru, Hyderabad और Delhi-NCR जैसे शहर लीजिंग और नई सप्लाई में सबसे आगे रहने की उम्मीद है। मजबूत डिमांड और घटते वैकेंसी रेट के कारण औसत रेंट्स में और बढ़ोत्तरी की संभावना है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.