India Office Market: रिकॉर्ड तोड़ लीजिंग, पर जगह की 'असली' मांग क्यों घटी?

REAL-ESTATE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
India Office Market: रिकॉर्ड तोड़ लीजिंग, पर जगह की 'असली' मांग क्यों घटी?
Overview

India's office market ने Q1 2026 में एक दिलचस्प तस्वीर पेश की। ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी के चलते नेट एब्जॉर्प्शन (Occupied space में बढ़ोतरी) **24%** घटकर **1.15 करोड़ वर्ग फुट** रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से नई बिल्डिंग पूरी होने में देरी के कारण आई, हालांकि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और टेक कंपनियों की जोरदार मांग ने कुल लीजिंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

रिकॉर्ड लीजिंग, पर नेट एब्जॉर्प्शन की धीमी रफ्तार

Cushman & Wakefield की रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में Q1 2026 में नेट ऑफिस स्पेस लीजिंग में पिछले साल की तुलना में 24% की गिरावट आई और यह 1.15 करोड़ वर्ग फुट पर आ गई। इसका मुख्य कारण नई ऑफिस बिल्डिंग्स के कंप्लीशन में हो रही देरी है, जिसने नई लीजिंग के लिए स्पेस की उपलब्धता को सीमित कर दिया। इससे 2025 की मजबूत परफॉर्मेंस के बाद थोड़ी सुस्ती आई, और ऑक्यूपाई हुई जगह में वास्तविक वृद्धि उम्मीदों से कम रही।

ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम ने छुआ नया शिखर

हालांकि, दूसरी तरफ, टॉप 8 शहरों में ग्रॉस लीजिंग एक्टिविटी पिछले साल की तुलना में 13% बढ़कर 2.19 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई। यह कम से कम पिछले 5 सालों का सबसे मजबूत पहला क्वार्टर रहा। यह उछाल किरायेदारों की लगातार रुचि और बड़े सौदों, जिनमें लीज रिन्यूअल और प्री-लीजिंग शामिल हैं, को दर्शाता है। स्पेस हासिल करने की चुनौतियों के बावजूद, कुल मिलाकर मांग मजबूत बनी रही।

GCCs और टेक कंपनियों का दबदबा, किराए भी बढ़े

इस मांग का मुख्य चालक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) रहे, जिन्होंने कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग 40-50% हिस्सा लिया। ये सेंटर्स अब रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं और प्रीमियम, सस्टेनेबल व टॉप-टियर ऑफिस स्पेस की तलाश में हैं। टेक्नोलॉजी सेक्टर 32% लीजिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस प्रोवाइडर्स 21-22% और BFSI फर्म्स भी सक्रिय रहीं। इस मजबूत मांग और सीमित नई सप्लाई ने शहरों में औसतन 2% से 15% तक किराए बढ़ा दिए।

वैल्यूएशन और भविष्य की सप्लाई

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा Embassy Office Parks REIT जैसे रीड (REITs) और प्रॉपर्टी डेवलपर DLF Ltd. के वैल्यूएशन में भी झलकता है। 13 अप्रैल 2026 तक Embassy Office Parks REIT का P/E रेश्यो लगभग 80.76 और मार्केट कैप करीब ₹42,623.95 करोड़ था। वहीं, 14 अप्रैल 2026 को DLF Ltd. का P/E रेश्यो लगभग 51.12 और मार्केट कैप करीब ₹140,696.1 करोड़ दर्ज किया गया। Cushman & Wakefield का अनुमान है कि 6.1 करोड़ वर्ग फुट का नया, हाई-क्वालिटी ऑफिस स्पेस बाजार में आएगा। यह नई सप्लाई, स्थिर एब्जॉर्प्शन के साथ, कुल वैकंसी रेट को स्थिर रखने की उम्मीद है।

संभावित जोखिम और चुनौतियां

हालांकि, बाजार को कुछ जोखिमों का भी सामना करना पड़ सकता है। GCCs पर मांग की भारी निर्भरता एक कमजोरी बन सकती है, अगर वैश्विक आर्थिक हालात या कंपनियों की रणनीतियां अचानक बदलती हैं। पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष जैसी भू-राजनीतिक घटनाएं भी अनिश्चितता बढ़ा सकती हैं, जो कॉर्पोरेट विस्तार और विदेशी निवेश को धीमा कर सकती हैं। अगर नई सप्लाई के मुकाबले एब्जॉर्प्शन की रफ्तार धीमी रहती है, तो कुछ जगहों पर ओवरसप्लाई का खतरा भी पैदा हो सकता है। Embassy Office Parks REIT जैसे रीड्स के लिए 80.76 का ऊंचा P/E रेश्यो बताता है कि निवेशकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी होगा।

आउटलुक: निरंतर विकास और क्वालिटी पर फोकस

इंडस्ट्री की भविष्यवाणियां सकारात्मक हैं। 2026 में इंडिया के ऑफिस मार्केट में 7-7.5 करोड़ वर्ग फुट की मजबूत लीजिंग वॉल्यूम रहने की उम्मीद है, जबकि नई सप्लाई करीब 6-6.5 करोड़ वर्ग फुट रहने का अनुमान है, जिससे मांग और सप्लाई में संतुलन बना रहेगा। बाजार में प्रीमियम स्पेस की मांग बढ़ेगी, जिसमें ग्रीन-सर्टिफाइड और टेक-इनेबल्ड बिल्डिंग्स को प्राथमिकता दी जाएगी। जो डेवलपर्स इन आधुनिक, इको-फ्रेंडली और एडॉप्टेबल ऑफिस स्पेस की पेशकश कर पाएंगे, वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.