Real Estate Sector: घरों की बिक्री में आई **6%** की सुस्ती, क्या फेस्टिव सीजन दिलाएगा रफ्तार?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Real Estate Sector: घरों की बिक्री में आई **6%** की सुस्ती, क्या फेस्टिव सीजन दिलाएगा रफ्तार?

सितंबर 2026 तिमाही में घरों की कुल बिक्री गिरकर **103,170** यूनिट्स पर आ गई है, जो पिछले साल के मुकाबले **6%** कम है। हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बाजारों में तो तेजी दिखी, लेकिन पुणे और दिल्ली-एनसीआर में मांग घटने से नेशनल एवरेज पर असर पड़ा है।

भारतीय आवासीय रियल एस्टेट बाजार के लिए सितंबर तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। नौ बड़े शहरों में घरों के कुल ट्रांजेक्शन गिरकर 103,170 यूनिट्स रह गए, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 109,420 यूनिट्स था। बिक्री के साथ-साथ नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की रफ्तार भी धीमी रही और यह 98,165 यूनिट्स तक सीमित रही, जो पिछले साल 100,330 यूनिट्स थी।

क्षेत्रीय प्रदर्शन में अंतर

देश भर के आंकड़ों पर गौर करें तो शहरों के हिसाब से तस्वीर अलग दिखती है। बेंगलुरु में 1% और हैदराबाद में 11% की ग्रोथ दर्ज की गई। हालांकि, अन्य प्रमुख शहरों में बड़ी गिरावट देखी गई है। पुणे में सबसे ज्यादा 16% और दिल्ली-एनसीआर में 12% की गिरावट आई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में स्थिति मिली-जुली रही, जहां नवी मुंबई में 12% की बढ़त दिखी, जबकि मुंबई शहर और ठाणे में क्रमश: 8% और 11% की गिरावट रही। वहीं चेन्नई और कोलकाता में बिक्री 17% तक गिर गई।

निवेशकों के लिए संकेत

रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए आने वाली तिमाही बेहद अहम है। रियल एस्टेट एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, जहां बड़ी कर्ज की देनदारी होती है। अगर फेस्टिव सीजन में इन्वेंट्री नहीं बिकती है, तो कंपनियों को डिस्काउंट देने पड़ सकते हैं या नए प्रोजेक्ट्स में देरी करनी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ेगा। अब नजरें इस बात पर हैं कि कंपनियां अपनी इन्वेंट्री को कैसे मैनेज करती हैं और आने वाले रिजल्ट्स में इसका क्या असर दिखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.