IndiQube का नोएडा में बड़ा कदम: 390,000 वर्ग फुट का ऑफिस कैंपस लीज पर लिया

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IndiQube का नोएडा में बड़ा कदम: 390,000 वर्ग फुट का ऑफिस कैंपस लीज पर लिया

मैनेज्ड वर्कस्पेस प्रोवाइडर IndiQube ने नोएडा के सेक्टर 142 में 390,000 वर्ग फुट की एक बड़ी सुविधा लीज पर ली है। यह विस्तार कंपनी के नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में अब तक के सबसे बड़े कैंपस को दर्शाता है और इसका मकसद टेक्नोलॉजी फर्मों व ग्लोबल सर्विस सेंटरों से बढ़ती मांग को पूरा करना है।

NCR हब में रणनीतिक विस्तार

मैनेज्ड वर्कस्पेस प्लेटफॉर्म IndiQube ने उत्तरी भारत में अपने विस्तार की घोषणा करते हुए नोएडा के सेक्टर 142 में 390,000 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस हासिल किया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह सुविधा, नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में कंपनी का सबसे बड़ा कैंपस है।

यह कदम नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ वाणिज्यिक विकास के व्यापक रुझान को दर्शाता है। यह क्षेत्र ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centers) और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। IndiQube के नेतृत्व ने बताया कि आने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के समर्थन से यह क्षेत्र उनके अगले ग्रोथ फेज के लिए प्राथमिकता बन गया है। एक बड़े पैमाने का कैंपस स्थापित करके, कंपनी उन कंपनियों की मांग को पूरा करना चाहती है जो पारंपरिक लॉन्ग-टर्म ऑफिस लीज के बजाय लचीले, इंटीग्रेटेड वर्कस्पेस समाधान तलाश रही हैं।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस लीजिंग का ट्रेंड

दिल्ली-NCR में फ्लेक्सिबल ऑफिस सेक्टर में काफी हलचल देखी गई है। 2026 की दूसरी तिमाही के इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल ऑफिस लीजिंग का 45% हिस्सा फ्लेक्सिबल स्पेस ऑपरेटर्स का था, जिसकी तिमाही टेक-अप लगभग 3.6 मिलियन वर्ग फुट रही। पूरे भारत में, फ्लेक्सिबल स्पेस प्रोवाइडर्स के पास वर्तमान में कुल ऑफिस मार्केट शेयर का लगभग 27% है, जो बड़े कॉर्पोरेशन्स और स्टार्टअप्स दोनों की मांग से प्रेरित है जो अपने रियल एस्टेट लागतों में लचीलापन चाहते हैं।

कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस मॉडल

सेक्टर 142 में 14 मंजिला यह सुविधा केवल डेस्क स्पेस से कहीं अधिक प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। IndiQube अपनी प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी स्टैक को एकीकृत करने की योजना बना रहा है, साथ ही वेलनेस जोन, कोलैबोरेटिव एरिया और डाइनिंग सुविधाओं जैसी सुविधाएं भी देगा। यह दृष्टिकोण कॉर्पोरेट रियल एस्टेट मार्केट में एक बदलाव को दर्शाता है, जहां वर्कस्पेस प्रोवाइडर्स कर्मचारी अनुभव और रिटेंशन पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

ग्रोथ और मार्केट कॉन्टेक्स्ट

IndiQube वर्तमान में भारत के 17 शहरों में 10 मिलियन वर्ग फुट से अधिक स्पेस का प्रबंधन करता है। अपने मैनेज्ड वर्कस्पेस में उच्च ऑक्यूपेंसी स्तर बनाए रखने की कंपनी की क्षमता उसके बिजनेस मॉडल के लिए एक प्रमुख कारक बनी हुई है। जैसे-जैसे कंपनी स्केल कर रही है, हितधारकों के लिए मुख्य मॉनिटरेबल इस प्रतिस्पर्धी NCR मार्केट में इस नई क्षमता की एब्जॉर्प्शन रेट (absorption rate) होगी, साथ ही इस तरह के बड़े पैमाने के कैंपस डेवलपमेंट से जुड़ी लागतों को प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता भी। कंपनी को अन्य बड़े फ्लेक्सिबल स्पेस प्रोवाइडर्स से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है जो प्रमुख भारतीय मेट्रोज में अपने पोर्टफोलियो का आक्रामक रूप से विस्तार कर रहे हैं।

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