दमदार नतीजों से शेयर रॉकेट!
21 मई 2026 को IRB Infrastructure Developers के शेयर 13.44% उछलकर ₹23.95 के स्तर पर पहुँच गए। इस शानदार तेज़ी की वजह कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) और पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) के नतीजे रहे, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए।
रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद Profit में बम्पर उछाल
Q4 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹296 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹215 करोड़ था। यानि, 38% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी। पूरे वित्तीय वर्ष की बात करें तो, एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़कर नेट प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹893 करोड़ रहा।
ये Profit ग्रोथ तब आई जब Q4 FY26 में कंपनी का कुल इनकम (Total Income) घटकर ₹1,977 करोड़ रह गया, जो Q4 FY25 में ₹2,218 करोड़ था। पूरे FY26 में भी टोटल इनकम में मामूली 2% की गिरावट आई और यह ₹7,854 करोड़ रहा।
डिविडेंड का ऐलान और ऑपरेशनल परफॉरमेंस
कंपनी के बोर्ड ने 5% (यानि ₹0.05 प्रति शेयर) का चौथा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 26 मई 2026 रखी गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर, IRB Infrastructure ने Q4 FY26 में 56.19% का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल किया, जो पिछले साल 46.43% था। टोल कलेक्शन बढ़ने और 17 ओन्ड BOT प्रोजेक्ट्स व IRB InvIT कॉन्ट्रैक्ट्स में बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के कारण यह सुधार संभव हुआ। गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) का ऑपरेशनल होना भी एक बड़ा कदम है, जिससे IRB के सभी बड़े प्रोजेक्ट्स अब रेवेन्यू जनरेट कर रहे हैं।
Valuations को लेकर चिंताएं
मज़बूत Profit के बावजूद, शेयर के Valuations पर सवाल उठ रहे हैं। 20 मई 2026 तक, IRB Infrastructure का ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) P/E रेश्यो करीब 31.93x था। यह इंडस्ट्री एवरेज 40x के करीब है, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स इसे ज़्यादा मान रहे हैं। पिछले 10 सालों के औसत 19.05x के मुकाबले यह मल्टीपल काफी ज़्यादा है।
कंपनी का प्राइस-टू-बुक वैल्यू 1.25x है, जो लिस्टेड पीयर्स (Listed Peers) में सबसे कम है। यह बाज़ार के कुछ डाउट्स को दिखाता है। साथ ही, IRB Infrastructure का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 4.34% है, जो NBCC (21.71%) और रेल विकास निगम (16.89%) जैसे कॉम्पिटिटर्स से पीछे है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ
