ICICI Prudential AMC ने मुंबई में ₹525 करोड़ से ज़्यादा में ख़रीदी ज़मीन, रियल एस्टेट फंड में बम्पर इज़ाफ़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
ICICI Prudential AMC ने मुंबई में ₹525 करोड़ से ज़्यादा में ख़रीदी ज़मीन, रियल एस्टेट फंड में बम्पर इज़ाफ़ा
Overview

ICICI Prudential AMC ने मुंबई के VIOS Tower में नौ फ्लोर **525 करोड़** रुपये से ज़्यादा में ख़रीदे हैं। इस ख़रीद के साथ कंपनी के रियल एस्टेट फंड में **2,500 करोड़** रुपये का इज़ाफ़ा हुआ है। इस डील पर **8%** से ज़्यादा का यील्ड (Yield) और **5%** सालाना रेंट वृद्धि का प्रावधान है। यह भारत के ऑफिस मार्केट में भरोसे का संकेत है, जो अनिश्चित आर्थिक समय में भी लगातार आमदनी दे सकता है। बेचने वाली कंपनी, Varde Partners, को इस डील से **120%** से ज़्यादा का फ़ायदा हुआ है।

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मुंबई के VIOS Tower में लगातार आमदनी

ICICI Prudential AMC ने हाल ही में मुंबई की VIOS Tower में नौ फ्लोर 525 करोड़ रुपये से ज़्यादा में ख़रीदे हैं। यह ख़रीद भारत में भरोसेमंद, आमदनी देने वाली कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है। यह ख़रीद ICICI Prudential Office Yield Optimiser Fund II का हिस्सा है और प्री-लीज़्ड (pre-leased) ऑफिस प्रॉपर्टीज़ को टारगेट करती है। 300,000 स्क्वायर फ़ीट की इस ख़रीद से 8% से ज़्यादा का सालाना यील्ड मिलने की उम्मीद है, और मौजूदा लीज़ में 5% सालाना रेंट बढ़ाने का क्लॉज़ भी शामिल है। ICICI Prudential AMC के रोहित राठी ने कहा कि फंड का लक्ष्य ऐसी प्रॉपर्टीज़ ख़रीदना है जिनसे लगातार आमदनी हो सके।

Varde Partners को VIOS Tower से ज़बरदस्त मुनाफ़ा

यह बिक्री Varde Partners के लिए एक सफल एग्ज़िट (exit) है। कंपनी ने दिसंबर 2019 में VIOS Tower को 1,100 करोड़ रुपये में ख़रीदा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Varde Partners को इस निवेश पर 120% से ज़्यादा का रिटर्न मिला है। Varde Partners ने इससे पहले नवंबर 2024 में Federal Bank को लगभग 330 करोड़ रुपये में और Trent Ltd को भी टावर के कुछ हिस्से बेचे थे, जो उनकी प्रभावी मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी को दिखाता है।

भारत का ऑफिस मार्केट अभी भी आकर्षक

2018 में पूरा हुआ VIOS Tower, एक बड़े मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट (mixed-use development) का हिस्सा है। भारत का ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर टेक्नोलॉजी, फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ और ग्लोबल बिज़नेस सेंटर्स जैसे सेक्टर्स की मज़बूत मांग के कारण लगातार निवेश आकर्षित कर रहा है। खास तौर पर तैयार, आमदनी देने वाली और लंबी अवधि की लीज़ वाली प्रॉपर्टीज़ की मांग ज़्यादा है। यह भारत को ग्लोबल आर्थिक चुनौतियों के बावजूद स्थिर किराये की आमदनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार बनाता है।

भारतीय रियल एस्टेट में बेहतर यील्ड

स्टॉक मार्केट के P/E रेश्यो जैसे मेट्रिक्स से सीधी तुलना संभव न हो, लेकिन VIOS Tower की ख़रीद से मिलने वाला यील्ड कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में काफ़ी प्रतिस्पर्धी है। भारत के बड़े शहरों में प्राइम ऑफिस स्पेस वर्तमान में 7-9% के बीच यील्ड दे रहे हैं, जिससे VIOS Tower का 8% से ज़्यादा का यील्ड आकर्षक बनता है। इनकम-जेनरेटिंग कमर्शियल रियल एस्टेट स्पेस के दूसरे बड़े खिलाड़ी, जैसे Embassy Office Parks REIT और Brookfield India REIT, को भी स्थिर पोर्टफोलियो में लगातार निवेशक रुचि दिखाते हैं। भारतीय ऑफिस लीज़िंग मार्केट ने बड़े शहरों में पॉजिटिव नेट एब्ज़ॉर्प्शन (net absorption) के साथ अपनी मज़बूती दिखाई है, जो प्रॉपर्टी वैल्यू और रेंटल ग्रोथ को सहारा दे रहा है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.