Hubtown Share Price: ऑडिटर की रेड फ्लैग! प्रॉफिट पर सवाल, कंपनी जुटाएगी ₹600 Cr?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hubtown Share Price: ऑडिटर की रेड फ्लैग! प्रॉफिट पर सवाल, कंपनी जुटाएगी ₹600 Cr?
Overview

Hubtown Limited ने Q3 FY26 के नतीजे पेश किए, जिसमें स्टैंडअलोन रेवेन्यू **42.4%** घटकर **₹27.60 करोड़** रहा, पर नेट प्रॉफिट **70.8%** बढ़कर **₹23 करोड़** हो गया। हालांकि, कंपनी के ऑडिटर ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन पर इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट्स पर **₹19.05 करोड़** का ब्याज चार्ज नहीं करने का आरोप है, जिससे प्रॉफिट बढ़ा हुआ दिख सकता है। कंपनी **₹6,000 मिलियन (₹600 करोड़)** तक का फंडरेज़ करने की भी योजना बना रही है।

Hubtown Limited के ताजा नतीजों ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। कंपनी ने Q3 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 42.4% की भारी गिरावट के साथ ₹27.60 करोड़ दर्ज किए। इसके बावजूद, नेट प्रॉफिट 70.8% बढ़कर ₹23 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, इस प्रॉफिट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) ने रिपोर्ट पर क्वालिफिकेशन (Qualification) लगा दी है।

⚠️ ऑडिटर की क्वालिफिकेशन और प्रॉफिट पर सवाल

ऑडिटर की रिपोर्ट के अनुसार, Hubtown ने कुछ इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट्स (Inter-corporate Deposits) पर लगने वाले ब्याज को अपने खातों में शामिल नहीं किया है। Q3 FY26 के लिए यह ब्याज ₹19.05 करोड़ था, और 9 महीने (9M FY26) के लिए यह आंकड़ा ₹56.95 करोड़ तक पहुंच गया। इस वजह से, कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) कम दिखाया गया और प्रॉफिट असल से ज्यादा लग रहा है। कंपनी फिलहाल इस ब्याज दर को कम कराने या सेटलमेंट के लिए बातचीत कर रही है।

📉 वित्तीय प्रदर्शन (Financial Performance)

  • स्टैंडअलोन (Standalone) परफॉर्मेंस:

    • Q3 FY26 में रेवेन्यू 42.4% YoY घटकर ₹27.60 करोड़ रहा।
    • 9 महीने (9M FY26) में रेवेन्यू 47.8% YoY गिरकर ₹112.20 करोड़ हुआ।
    • इसके विपरीत, Q3 FY26 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 70.8% YoY बढ़कर ₹23.00 करोड़ हो गया।
    • 9M FY26 में नेट प्रॉफिट 99.9% YoY बढ़कर ₹92.84 करोड़ पर पहुंच गया।
    • बेसिक ईपीएस (Basic EPS) Q3 FY26 के लिए ₹1.62 और 9M FY26 के लिए ₹6.68 रहा।
  • कंसोलिडेटेड (Consolidated) परफॉर्मेंस:

    • Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 3.2% YoY घटकर ₹87.59 करोड़ रहा।
    • 9M FY26 में यह 55.1% YoY बढ़कर ₹483.51 करोड़ हुआ।
    • कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट Q3 FY26 में 54.0% YoY बढ़कर ₹24.33 करोड़ रहा।
    • 9M FY26 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 170.4% YoY उछलकर ₹138.04 करोड़ दर्ज किया गया।
    • कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस Q3 FY26 के लिए ₹1.57 और 9M FY26 के लिए ₹9.04 रहा।

🚩 फंड जुटाने की योजना (Fundraise Plan)

इन नतीजों के बीच, कंपनी ने बोर्ड की मंजूरी से ₹6,000 मिलियन (यानी ₹600 करोड़) तक की रकम इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे QIP या राइट्स इश्यू) के जरिए जुटाने की घोषणा की है। यह बड़ा फंडरेज़ शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद ही हो पाएगा। माना जा रहा है कि कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने, देनदारियों को चुकाने या भविष्य के प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए कर सकती है।

📈 जोखिम और आगे का रास्ता (Risks & Outlook)

ऑडिटर की क्वालिफिकेशन कंपनी की वित्तीय सेहत पर एक गंभीर सवालिया निशान लगाती है और निवेशकों का भरोसा डगमगा सकती है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी ऑडिटर की चिंताओं को कैसे दूर करती है और फंडरेज़ के क्या शर्तें होती हैं।

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