Housing Sales: बेंगलुरु में 37% का उछाल, देश भर में बिक्री का आंकड़ा 11% बढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Housing Sales: बेंगलुरु में 37% का उछाल, देश भर में बिक्री का आंकड़ा 11% बढ़ा

साल 2026 की पहली छमाही में भारत के रेजिडेंशियल हाउसिंग सेल्स वैल्यू में **11%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेंगलुरु में **37%** की जबरदस्त उछाल ने इस ग्रोथ को लीड किया है। हालांकि, दक्षिणी बाजारों में जहां मजबूत मांग दिखी, वहीं नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में **7%** की गिरावट आई।

दक्षिणी बाजारों का जलवा

भारतीय रियल एस्टेट मार्केट ने 2026 की पहली छमाही में सेल्स वैल्यू में 11% का इजाफा दर्ज किया है, जो कि प्रमुख शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग प्रदर्शन को दर्शाता है। बेंगलुरु इस ग्रोथ का मुख्य इंजन बनकर उभरा है, जहां सेल्स वैल्यू में 37% की जबरदस्त सालाना बढ़ोतरी हुई है। वहीं, चेन्नई में भी सेल्स वैल्यू में 26% का इजाफा देखा गया, जिससे दक्षिणी क्षेत्र रियल एस्टेट की मांग में सबसे आगे रहा।

क्षेत्रीय प्रदर्शन में अंतर

जहां दक्षिणी शहरों में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली, वहीं अन्य प्रमुख बाजारों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, पुणे और कोलकाता में सेल्स वैल्यू 13% बढ़ी। हालांकि, नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) राष्ट्रीय रुझान से हटकर, 7% की गिरावट के साथ सेल्स वैल्यू में कमी दर्ज की गई, जबकि सेल्स वॉल्यूम 18% गिर गया। NCR में यह कमजोरी स्थानीय मांग के कारकों के प्रॉपर्टी मार्केट पर दबाव डालने का संकेत देती है।

सप्लाई और इन्वेंटरी की स्थिति

सप्लाई के मोर्चे पर, इंडस्ट्री का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जून 2026 में नए प्रोजेक्ट लॉन्च की वैल्यू में 10% की गिरावट आई, वहीं लॉन्च वॉल्यूम में भी 5% की कमी दर्ज की गई। हालांकि, पहली छमाही में कुल सप्लाई 9% बढ़ी, लेकिन नए निर्माण की गति क्षेत्र के हिसाब से काफी भिन्न रही। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और बेंगलुरु के डेवलपर्स ने नए लॉन्च बढ़ाए, जबकि NCR और चेन्नई में नए प्रोजेक्ट की शुरुआत धीमी रही।

इन्वेंटरी मैनेजमेंट इस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर, मौजूदा हाउसिंग स्टॉक को क्लियर करने में लगने वाला समय 20 महीने पर स्थिर रहा। पुणे में 14 महीने के साथ सबसे कम इन्वेंटरी लेवल है, जो इस मार्केट में प्रॉपर्टी की मांग को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए, दक्षिणी बाजारों और NCR के बीच का अंतर स्थानीय मांग विश्लेषण के महत्व को उजागर करता है। हालांकि बिक्री मूल्य में राष्ट्रीय वृद्धि शहरी प्रॉपर्टी सेक्टर के स्वस्थ होने का संकेत देती है, NCR में गिरावट डेवलपर्स के लिए मूल्य गति और बिक्री की गति बनाए रखने में चुनौतियां पेश कर सकती है। इन बाजारों में भविष्य का प्रदर्शन डेवलपर्स की मध्य-आय वर्ग के खरीदारों की प्राथमिकताओं के अनुसार सप्लाई को संरेखित करने की क्षमता और व्यक्तिगत शहरों में विकसित हो रहे मांग परिदृश्य पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.