Horizon Industrial Parks IPO: पहले दिन सिर्फ 2% सब्सक्रिप्शन, क्या है वजह?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Horizon Industrial Parks IPO: पहले दिन सिर्फ 2% सब्सक्रिप्शन, क्या है वजह?

Horizon Industrial Parks का IPO आज खुला है और पहले दिन निवेशकों की ओर से धीमी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। करीब **2%** का सब्सक्रिप्शन ही दर्ज किया गया, हालांकि रिटेल निवेशकों से कुछ डिमांड आई। यह IPO **₹2,600 करोड़** का है और कंपनी इसका इस्तेमाल अपना भारी कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

IPO की धीमी शुरुआत

Horizon Industrial Parks का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 17 अगस्त 2026 को जनता के लिए खुला, लेकिन पहले दिन बोली प्रक्रिया में खास उत्साह नहीं दिखा। सुबह तक, कंपनी को ऑफर किए गए कुल शेयरों का केवल 2% के लिए ही बिड मिली थी। रिटेल निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखी गई। यह पब्लिक इश्यू 19 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा।

कर्ज घटाने की है बड़ी योजना

यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसमें कंपनी का लक्ष्य ₹2,600 करोड़ जुटाना है। इस पैसे का मुख्य इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारना है। रिपोर्ट के अनुसार, ₹2,250 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्री-पे करने के लिए किया जाएगा। आपको बता दें कि 31 मार्च 2026 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.18 गुना था, जो लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस जैसे कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस की ओर इशारा करता है।

एंकर निवेशकों से मिली राहत

सार्वजनिक बोलियों में भले ही शुरुआती रफ्तार धीमी रही हो, लेकिन कंपनी ने पहले ही बड़े निवेशकों का भरोसा हासिल कर लिया था। पब्लिक ओपनिंग से पहले, फर्म ने 54 एंकर निवेशकों से ₹1,167.8 करोड़ जुटाए थे। IPO का प्राइस बैंड ₹60 प्रति शेयर तय किया गया है।

मुनाफे का रास्ता और रिस्क

हालांकि, बाजार की नजर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर भी है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹203.65 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। पिछले तीन फाइनेंशियल इयर्स में लगातार हुए घाटे का मुख्य कारण कर्ज पर लगने वाला भारी फाइनेंस कॉस्ट है। इसलिए, कंपनी की कर्ज घटाने की क्षमता भविष्य के कैश फ्लो के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

इसके अलावा, बिजनेस मॉडल में एक्जीक्यूशन से जुड़े बड़े रिस्क भी हैं। कंपनी के इंडस्ट्रियल पार्क नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा अभी डेवलपमेंट या प्लानिंग स्टेज में है। ऐसे में, जमीन अधिग्रहण, कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन और लागत बढ़ने जैसी चुनौतियों से निपटना होगा। साथ ही, कंपनी को क्लाइंट्स और कुछ खास इलाकों पर निर्भरता का रिस्क भी झेलना पड़ सकता है।

24 अगस्त 2026 को होने वाली लिस्टिंग तक फाइनल सब्सक्रिप्शन और मार्केट सेंटिमेंट निवेशकों के लिए अगले अहम पॉइंट होंगे। कंपनी की रिपोर्ट्स में कर्ज के बोझ को कम करने में मिलने वाली सफलता पर भी सबकी नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.