घर खरीदना आपकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फ़ैसला होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले RERA (रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट) में प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन चेक करना कितना ज़रूरी है? यह कदम आपको कई तरह की धोखाधड़ी से बचा सकता है।
RERA पोर्टल पर कैसे चेक करें प्रोजेक्ट की जानकारी?
जब भी आप कोई प्रॉपर्टी खरीदने का मन बनाएं, तो सबसे पहले अपने राज्य के RERA पोर्टल पर जाकर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन ज़रूर चेक करें। यहां आपको प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी ज़रूरी जानकारी, जैसे - कंस्ट्रक्शन कब तक पूरा होगा, ज़रूरी सरकारी मंज़ूरियां मिली हैं या नहीं, सब कुछ मिल जाएगा। अगर कोई प्रोजेक्ट RERA पर रजिस्टर्ड नहीं है, तो यह एक बड़ा खतरे का संकेत हो सकता है, यानी डेवलपर नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
कंस्ट्रक्शन में देरी पर डेवलपर होंगे ज़िम्मेदार
भारतीय रियल एस्टेट में प्रॉपर्टी पज़ेशन में देरी एक आम समस्या रही है। खरीदारों को अक्सर बिल्डरों की देरी के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन RERA कानून लागू होने के बाद, बिल्डरों को तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। अगर डेवलपर वादे के मुताबिक समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाते हैं, तो खरीदारों को कानून के तहत मुआवज़ा मांगने या शिकायत दर्ज कराने का अधिकार मिलेगा। इससे बिल्डरों पर प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण समय का बेहतर प्रबंधन करने का दबाव बढ़ेगा।
RERA के साथ-साथ खुद भी करें जांच-पड़ताल
यह सच है कि RERA रजिस्ट्रेशन आपको एक ज़रूरी सुरक्षा कवच देता है, लेकिन इसे ही सब कुछ मान लेना ठीक नहीं। RERA रजिस्ट्रेशन एक शुरुआती सुरक्षा है, पूरी गारंटी नहीं। रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट होने के बावजूद, आपको डेवलपर की पुरानी परफॉर्मेंस, जैसे कि उन्होंने पहले के प्रोजेक्ट समय पर पूरे किए हैं या नहीं, इसकी भी जांच करनी चाहिए।
इसके अलावा, अपने फाइनेंस की प्लानिंग अच्छे से करें। प्रॉपर्टी की कुल लागत, छुपे हुए चार्जेज़ को समझें और सेल एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें। इस एग्रीमेंट में पेमेंट प्लान, मेंटेनेंस फीस और बाहर निकलने की शर्तों जैसी खास बातें लिखी होती हैं, जो RERA रजिस्ट्रेशन में शामिल नहीं हो सकतीं। सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप RERA पोर्टल पर जानकारी वेरिफाई करें और साथ ही प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े कानूनी और आर्थिक पहलुओं की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें।
