टैक्स क्रेडिट का कमाल, पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट
Hudco ने Q4 FY26 के लिए ₹1,981.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 172.2% ज्यादा है। इस बड़ी उछाल का श्रेय मुख्य रूप से ₹1,530.32 करोड़ के Deferred Tax Reversal यानी टैक्स देनदारी में कमी को जाता है। लेकिन, इस अकाउंटिंग एडजस्टमेंट के पीछे एक बड़ी सच्चाई छिपी है: इस तिमाही में कंपनी का Profit Before Tax (PBT) 39.12% घटकर ₹621.01 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,020.26 करोड़ था।
लागतों का बोझ, मार्जिन पर असर
ऑपरेटिंग प्रॉफिट में आई इस गिरावट की सीधी वजह कुल खर्चों में 63.7% की जोरदार बढ़ोतरी है, जो ₹3,004.06 करोड़ तक पहुँच गए। इन बढ़ी हुई लागतों में ₹466.40 करोड़ का नेट लॉस ऑन फेयर वैल्यू (Net Loss on Fair Value Changes) बड़ा कारक रहा, जो पिछले साल लगभग न के बराबर था। इससे पता चलता है कि कंपनी की एसेट वैल्यूएशन या हेजिंग कॉस्ट में अस्थिरता ने तुरंत लाभप्रदता को प्रभावित किया है। नतीजतन, Hudco का ऑपरेटिंग मार्जिन, अन्य आय को छोड़कर, Q4 FY26 में घटकर 83.52% रह गया, जबकि एक साल पहले यह लगभग 96% था। यह Lending Business में कंपनी की दक्षता में कमी का संकेत देता है। इतने मजबूत नेट प्रॉफिट के बावजूद, Hudco का शेयर इंट्राडे में 8% से ज्यादा गिर गया, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
लोन बुक और आय में मजबूत ग्रोथ
इन चिंताओं के बीच, Hudco ने अपनी टॉप-लाइन ग्रोथ और बैलेंस शीट विस्तार में ठोस प्रदर्शन किया है। Q4 FY26 में कुल आय (Total Income) 25.3% बढ़कर ₹3,562.86 करोड़ हो गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कुल रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹13,150.40 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी की लोन बुक (Loan Book) 28.76% बढ़कर ₹1.60 ट्रिलियन हो गई, और FY26 में सैंक्शन (Sanctions) भी ₹1.64 ट्रिलियन रहे। 31 मार्च 2026 तक Hudco का नेट वर्थ (Net Worth) बढ़कर ₹21,977.20 करोड़ हो गया। बोर्ड ने ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर (Equity Share) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी रिकमेंड किया है, जिससे FY26 का कुल डिविडेंड ₹6.05 प्रति शेयर हो गया है।
वैल्यूएशन और कर्ज की चिंताएं
Hudco एक बढ़ते हुए भारतीय हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में काम कर रही है। वैल्यूएशन के मामले में, Hudco का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 16.10x है, जो LIC Housing Finance (5.56x) और PNB Housing Finance (10.06x) जैसे पीयर्स (Peers) की तुलना में अधिक है। इसका प्राइस-टू-बुक रेशियो भी मौजूदा प्रदर्शन रुझानों को देखते हुए ऊंचा लग रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Hudco का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) FY26 के अनुसार चिंताजनक 6.43 है, जो पिछले साल के 5.72 से काफी ज्यादा है। यह उच्च लीवरेज कुछ पीयर्स की तुलना में काफी अधिक है और वित्तीय लचीलेपन पर सवाल खड़े करता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) भी FY26 के पहले नौ महीनों में घटकर 2.88% रह गया है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता
इन वित्तीय चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर सकारात्मक बने हुए हैं। 11 एनालिस्ट्स में से 'Buy' की कंसेंसस रेटिंग है, और औसत प्राइस टारगेट (Price Target) ₹279.48 है, जो 40% से अधिक के संभावित उछाल का संकेत देता है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में लगातार ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, तत्काल भविष्य Hudco की बढ़ती लागतों, खासकर फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट से जुड़ी लागतों को मैनेज करने और अपने बैलेंस शीट को प्रभावी ढंग से डी-लीवरेज (Deleverage) करने की क्षमता पर निर्भर करेगा। इन ऑपरेशनल और वित्तीय जोखिमों से निपटना शेयरधारक मूल्य (Shareholder Value) बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।