टैक्स के कारण चमके नतीजे, असल कमाई घटी
HUDCO ने चौथे तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें After Tax Profit (PAT) सालाना आधार पर 172% बढ़कर ₹1,981 करोड़ पर पहुंच गया। इस भारी उछाल की मुख्य वजह ₹1,530 करोड़ का Deferred Tax Reversal (टैक्स से मिली राहत) था। इस बड़े टैक्स एडजस्टमेंट के चलते, Profit Before Tax (PBT) 39% घटकर ₹621 करोड़ रह गया, जो कि पिछले साल की समान अवधि में ₹1,020 करोड़ था।'
कंपनी की टोटल इनकम ऑपरेशन से 25% बढ़कर ₹3,563 करोड़ रही। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, PAT 49% बढ़कर ₹4,034 करोड़ हुआ, जबकि PBT 11% घटकर ₹3,221 करोड़ पर आ गया।'
यह पैटर्न साफ दिखाता है कि मुनाफे में बढ़ोतरी कंपनी के मुख्य बिज़नेस (जैसे लोन देना) की परफॉरमेंस से नहीं, बल्कि टैक्स में मिले फायदे से आई है।
कर्ज़ का बढ़ता बोझ बनी चिंता
मुनाफे के इन आंकड़ों के बावजूद, HUDCO की बैलेंस शीट एक बड़ी चिंता पैदा करती है - वह है कंपनी पर भारी भरकम कर्ज़। 31 मार्च 2026 तक, HUDCO पर कुल ₹1,41,390 करोड़ का कर्ज़ था, जिसके चलते कंपनी का Debt-to-Equity Ratio बढ़कर 6.43 हो गया। यह आंकड़ा हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए इंडस्ट्री के आदर्श 1.5 के रेशियो से काफी ऊपर है।'
LIC Housing Finance जैसी अन्य कंपनियां भी ज़्यादा लेवरेज (कर्ज़) पर काम करती हैं, जिनका रेशियो 7.08x है, लेकिन HUDCO का 6.43 का आंकड़ा साथियों के औसत 3-4.5x से काफी ज़्यादा है।'
यह हाई लेवरेज कंपनी को ब्याज दरों में बढ़ोतरी या आर्थिक मंदी की स्थिति में ज़्यादा जोखिम में डाल सकता है।'
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और एनालिस्ट्स की राय
बाजार ने इन नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। शेयर बाजार में HUDCO का शेयर 5.37% गिरकर ₹211.35 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था।'
हालांकि, ब्रोकरेज हाउसेस (Brokerage Houses) अब भी कंपनी के फ्यूचर पर बुलिश (Bullish) हैं। 11 एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग दी है और 4 ने 'Strong Buy' की सलाह दी है।'
इनका एवरेज 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹279.48 है, जो मौजूदा स्तरों से 40% से ज़्यादा की तेजी का संकेत देता है।'
कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) यानी Gross NPA 1.05% और Net NPA सिर्फ 0.05% है, जो काफी अच्छी स्थिति में है।'
अंदर की चिंताएं और आगे की राह
जानकारों का मानना है कि कंपनी पर ₹1.41 लाख करोड़ से ज़्यादा का कर्ज़ सबसे बड़ा रिस्क है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) जो Q4 में 30% बढ़कर ₹2,413 करोड़ हो गया था, और बढ़ सकता है।'
टैक्स से मिली राहत वाला मुनाफा स्थायी नहीं है।'
भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीदें और सरकारी पहलों के चलते HUDCO के लिए लंबी अवधि में अच्छा स्कोप है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का मजबूत लोन बुक ग्रोथ और सरकारी सपोर्ट इन चिंताओं पर हावी हो जाएगा।