रियल एस्टेट सेक्टर पर गिरी गाज
HDFC Securities की ओर से रियल एस्टेट डेवलपर्स के टारगेट प्राइस में भारी कटौती की गई है। कंपनी ने 15-20% तक वैल्यूएशन कम कर दिया है। इसके पीछे धीमी बिक्री (Sales) और डील खत्म होने में लगने वाले ज्यादा वक्त को मुख्य वजह बताया गया है। अब HDFC Securities इन कंपनियों को केवल उनकी नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर ही वैल्यू करेगा, पहले की तरह किसी भी तरह का प्रीमियम नहीं जोड़ा जाएगा।
मार्केट की मंदी सिर्फ सेंटीमेंट का खेल?
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि रियल एस्टेट शेयरों में आई गिरावट की मुख्य वजह मांग का खत्म होना नहीं, बल्कि निवेशकों का सेंटीमेंट (Sentiment) है। HDFC Securities अगले 3 से 6 महीनों तक मार्केट में सुस्ती रहने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 के तीसरी तिमाही (Q3) की शुरुआत यानी त्योहारी सीजन के आसपास नई बिक्री (Sales) में तेजी आने की संभावना है। यह अनुमान पहले के उन पैटर्न से मेल खाता है जहां फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में बिक्री धीमी रहती है।
मिक्स्ड-यूज़ डेवलपर्स पर दांव
HDFC Securities उन डेवलपर्स को तरजीह दे रहा है जो मिक्स्ड-यूज़ प्रॉपर्टीज पर फोकस करते हैं, खासकर वे जिनके पास अच्छी खासी रेंटल इनकम (Rental Income) आती है और प्री-सेल्स (Pre-sales) भी लगातार होती रहती हैं। इस स्ट्रेटेजी से सिर्फ रेजिडेंशियल बिक्री पर निर्भरता का रिस्क कम होता है। ब्रोकरेज ने Prestige Estates Projects Ltd, Godrej Properties Ltd, Oberoi Realty Ltd, और Sobha Ltd को अपनी टॉप इन्वेस्टमेंट आइडियाज में शामिल किया है। वहीं, एक अलग नोट में, Nirmal Bang ने Godrej Properties की रेटिंग को 'Buy' में अपग्रेड किया है, और हालिया प्राइस ड्रॉप्स के असर को स्वीकार किया है।