Gurugram में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतें Q1 2020 के **₹6,150** प्रति वर्ग फीट से बढ़कर Q1 2025 में **₹11,300** प्रति वर्ग फीट के स्तर पर पहुंच गई हैं। शहर की बुनियादी समस्याओं के बावजूद, कॉरपोरेट हब के पास रहने की चाहत में निवेशक बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
बढ़ती कीमतें और ज़मीनी हकीकत
Gurugram की रियल एस्टेट मार्केट पिछले 5 सालों में एक अलग ही दौर से गुज़री है। साल 2020 की पहली तिमाही में जहां कीमतें ₹6,150 प्रति वर्ग फीट थीं, वहीं 2025 की शुरुआत तक ये ₹11,300 प्रति वर्ग फीट के रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि सड़कों की खराब स्थिति, भारी ट्रैफिक और जलभराव जैसी समस्याओं के बाद भी कीमतों में 84% की यह बढ़ोतरी थमने का नाम नहीं ले रही है।
निवेशक क्यों हैं आकर्षित?
प्रॉपर्टी की वैल्यू और सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच के इस फासले की मुख्य वजह Gurugram का एक बड़ा कॉरपोरेट हब होना है। खरीदार फिलहाल सुविधाओं के बजाय लोकेशन और बिजनेस हब की निकटता को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिल्ली से कनेक्टिविटी, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नज़दीक होना और बड़े ऑफिस कॉम्प्लेक्स के पास रहने से जो समय बचता है, उसे लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से बड़ी प्राथमिकता दे रहे हैं।
भविष्य की उम्मीद और रिस्क
मौजूदा तेजी के पीछे 'फ्यूचर डेवलपमेंट' की उम्मीद एक बड़ा फैक्टर है। NH-48 और Dwarka Expressway जैसे बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के कारण निवेशक भविष्य के संभावित मुनाफे को देखते हुए पैसा लगा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इन प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो यह प्रॉपर्टी की रीसेल वैल्यू और रेंटल ग्रोथ पर बुरा असर डाल सकता है।
मार्केट का 'डुअल-ट्रैक' ट्रेंड
शहर में अब एक 'डुअल-ट्रैक' मार्केट उभर रहा है। जहां गेटेड कम्युनिटीज़ अपनी मेंटेनेंस और प्राइवेट सिक्योरिटी से सिविक समस्याओं को कुछ हद तक मैनेज कर लेती हैं, वहीं वे इलाके जो बाढ़ या ट्रैफिक के लिए असुरक्षित हैं, पिछड़ सकते हैं। भविष्य में उन्हीं प्रॉपर्टीज की वैल्यू बेहतर रहने वाली है, जहां कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनी रहेंगी।
