2025 में Gurugram के लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर ने एक नया मुकाम हासिल किया। ₹10 करोड़ और उससे ऊपर की कीमत वाली प्रॉपर्टीज के कुल सौदों का मूल्य ₹24,120 करोड़ रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 80% की एक बड़ी छलांग है। इस वृद्धि के पीछे बढ़ी हुई बिक्री मात्रा (volume) और प्रॉपर्टी की कीमतों में आई तेजी, दोनों का योगदान है।
शहर ने इस दौरान लगभग 1,494 अल्ट्रा-लग्जरी यूनिट्स बेचीं, जो इसके प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक बिक्री है। इस प्रदर्शन ने कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए ₹10 करोड़-प्लस सेगमेंट में कुल सेल्स वैल्यू के मामले में Gurugram को मुंबई से आगे कर दिया है। इसी अवधि में मुंबई में इस सेगमेंट में ₹21,902 करोड़ का सौदा हुआ था।
Gurugram के लग्जरी सेगमेंट में यह तेजी पिछले दो सालों में यूनिट बिक्री में लगभग दस गुना (10x) वृद्धि से और भी स्पष्ट हो जाती है। 2023 में जहां सिर्फ 155 घर बिके थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा करीब 1,500 यूनिट्स तक पहुंच गया। कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में भी छह गुना (6x) की उछाल देखी गई, जो 2023 में ₹4,004 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹24,000 करोड़ से अधिक हो गई। यह असाधारण रफ्तार घरेलू धन सृजन (wealth creation) और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) तथा अल्ट्रा-HNIs की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
हालांकि Gurugram अब अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में बिक्री मात्रा (sales volume) में आगे है, लेकिन मुंबई अभी भी अपनी प्रतिष्ठा और प्रति-वर्ग-फुट (per-square-foot) मूल्य निर्धारण में बढ़त बनाए हुए है। 2025 की पहली छमाही में मुंबई के लग्जरी मार्केट ने ₹14,750 करोड़ की बिक्री हासिल की, जो पिछले साल के मुकाबले 11% अधिक है। पिछले 12 महीनों में यहां सौदों का कुल मूल्य लगभग ₹28,750 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मुंबई के अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट (₹40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टीज) में 2025 में 35 बड़े सौदे हुए। इसकी तुलना में, Gurugram की प्रॉपर्टी की कीमतों में पिछले पांच सालों (Q1 2020-Q1 2025) में 84% की भारी वृद्धि देखी गई है, जो इसी अवधि में मुंबई की 42% की वृद्धि से कहीं ज्यादा है।
अन्य बड़े शहरों में भी लग्जरी मार्केट में अच्छी खासी हलचल दिखी। Noida और Greater Noida ने मिलकर ₹9,358 करोड़ की बिक्री दर्ज की, जबकि Hyderabad में ₹8,140 करोड़ और Bengaluru में ₹2,319 करोड़ की बिक्री हुई। दिल्ली-NCR क्षेत्र की बात करें तो 2025 की पहली छमाही में ₹5 करोड़ और उससे ऊपर की सभी लग्जरी होम सेल्स में से 91% अकेले Gurugram में हुईं, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसकी मज़बूत पकड़ को दर्शाता है।
Gurugram में लग्जरी रियल एस्टेट की इस तेजी के पीछे मजबूत आर्थिक बुनियाद और बढ़ती धनवान आबादी (wealth demographics) का बड़ा हाथ है। 2024 में भारत की HNI आबादी 5.6% बढ़ी, और 2025 तक अल्ट्रा-HNIs में 39% की और वृद्धि का अनुमान है, जो प्रीमियम प्रॉपर्टीज की मांग में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देश की मजबूत GDP ग्रोथ (Q2 FY26 में 8.2%) और 2025 में रेपो रेट में 5.25% तक की कटौती जैसी अनुकूल मौद्रिक नीति का भी रियल एस्टेट सेक्टर को सहारा मिल रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी एक अहम भूमिका निभा रहा है। Dwarka Expressway, Golf Course Road और Golf Course Extension Road जैसे उभरते हुए माइक्रो-मार्केट्स Gurugram के विस्तार को गति दे रहे हैं। इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, बेहतर प्रोजेक्ट्स और कनेक्टिविटी में सुधार ने इन्हें अमीर खरीदारों के लिए आकर्षक बनाया है। 2025 में Gurugram में लग्जरी घरों का औसत टिकट साइज लगभग ₹16 करोड़ रहा, जिसमें 4,000–6,000 वर्ग फुट कैटेगरी के घरों ने सेल्स वैल्यू पर दबदबा बनाया।
हालांकि लग्जरी सेगमेंट में तेजी है, लेकिन भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के बड़े हिस्से को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। 2025 में Nifty Realty Index में 14% से 20% तक की गिरावट आई, जिससे यह बियर मार्केट (bear market) में प्रवेश कर गया। RERA के कार्यान्वयन में अभी भी कई समस्याएं हैं, और इसके प्रवर्तन (enforcement) व विवाद समाधान की धीमी प्रक्रिया से प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही है। Gurugram में प्रॉपर्टी की कीमतों में 84% की भारी वृद्धि मौजूदा घर मालिकों और निवेशकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन पहली बार घर खरीदने वालों और मध्यम-आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ती कीमतें चिंता का सबब बन रही हैं।
उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में मापी गई लेकिन टिकाऊ वृद्धि जारी रहेगी, जिसका मुख्य कारण मजबूत फंडामेंटल और प्रीमियम हाउसिंग की मांग है। अनुकूल आर्थिक माहौल, सरकारी नीतियां और HNIs की मजबूत उपस्थिति लग्जरी सेगमेंट में रुचि बनाए रखेगी। हालांकि, लग्जरी मार्केट के प्रदर्शन और Nifty Realty Index की गिरावट के बीच का यह अंतर एक विभाजित (bifurcated) बाजार को दर्शाता है। निवेशक डेवलपर्स के प्रदर्शन, प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और सामर्थ्य (affordability) जैसे पहलुओं पर बारीकी से नज़र रखेंगे, जो बदलते नियामक ढांचे और आर्थिक रुझानों के बीच महत्वपूर्ण होंगे।