Godrej Properties की तूफानी डील! थाणे में ₹7,500 करोड़ का रेवेन्यू पोटेंशियल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Godrej Properties की तूफानी डील! थाणे में ₹7,500 करोड़ का रेवेन्यू पोटेंशियल
Overview

Godrej Properties Limited (GPL) ने मुंबई के थाणे में **18 एकड़** की एक ज़मीन के लिए एक बड़ा जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) किया है। इस प्रोजेक्ट से कंपनी को **₹7,500 करोड़** से ज़्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। यह थाणे माइक्रो-मार्केट में GPL का चौथा प्रोजेक्ट होगा।

थाणे में Godrej Properties की बड़ी चाल, ₹7,500 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान

Godrej Properties (GPL) ने मुंबई के थाणे में 18 एकड़ ज़मीन के एक बड़े हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) साइन किया है। इस डील से कंपनी को 7,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रेवेन्यू पोटेंशियल मिलने की उम्मीद है। यह थाणे माइक्रो-मार्केट में Godrej Properties का चौथा बड़ा प्रोजेक्ट होगा। इस बड़े ज़मीन के टुकड़े पर एक इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट डेवलप किया जाएगा, जो कंपनी के पोर्टफोलियो में एक अहम जुड़ाव होगा।

स्ट्रैटेजिक मूव और ग्रोथ प्लान

यह डील Godrej Properties की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) जैसे प्रमुख इलाकों में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है। थाणे की लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी और रेजिडेंशियल ग्रोथ की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए यह एक स्ट्रैटेजिक मूव माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की भारी रेवेन्यू क्षमता कंपनी के लिए बड़े वैल्यू क्रिएशन का मौका लेकर आई है, और यह MMR रीजन में कंपनी के विस्तार के लक्ष्यों के अनुरूप है।

कंपनी का विजन और पिछला रिकॉर्ड

Godrej Properties हमेशा से प्राइम रियल एस्टेट मार्केट्स में लैंड एक्विजिशन और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स के ज़रिए अपना फुटप्रिंट बढ़ाने पर ज़ोर देती रही है। कंपनी का थाणे में प्रोजेक्ट्स का अनुभव भी रहा है; उदाहरण के लिए, उन्होंने 2018 में घोड़बंदर रोड पर 4 एकड़ ज़मीन का प्लॉट अधिग्रहित किया था। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में, GPL ने देश भर के प्रमुख शहरों में 14 ऐसे ज़मीन पार्सल हासिल किए थे, जिनसे करीब ₹26,500 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद थी। कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) हासिल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो बिजनेस डेवलपमेंट के प्रति उनके आक्रामक रुख को दर्शाता है।

भविष्य के लिए क्या मायने?

इस नई डील से Godrej Properties का मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में दबदबा और बढ़ेगा। यह एक सिंगल प्रोजेक्ट ₹7,500 करोड़ से ज़्यादा का रेवेन्यू देगा, जो कंपनी के फ्यूचर रेवेन्यू पाइपलाइन के लिए बहुत अहम है। बड़े ज़मीन पार्सल पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट में कंपनी एक कॉम्प्रिहेंसिव रेजिडेंशियल डेवलपमेंट पेश कर सकेगी, जिसमें आधुनिक सुविधाएं और बेहतर जीवन स्तर शामिल होगा।

संभावित चुनौतियाँ

हालांकि, इस बड़े प्रोजेक्ट में कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं। बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक मैनेज करना, सभी ज़रूरी सरकारी अप्रूवल हासिल करना और कंस्ट्रक्शन व सेल्स को निर्धारित समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। रियल एस्टेट मार्केट में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों में बदलाव और इकोनॉमिक मंदी भी इस प्रोजेक्ट के निष्पादन पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, मुंबई और उसके आसपास का इलाका, खासकर थाणे, रियल एस्टेट के मामले में काफी कॉम्पिटिटिव बाज़ार है, जहाँ कई डेवलपर्स खरीदारों का ध्यान खींचने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।

बाज़ार में उपस्थिति और तुलना

Godrej Properties के मुख्य कॉम्पिटिटर्स में DLF Limited, Macrotech Developers (Lodha Group), Prestige Group और Oberoi Realty जैसे बड़े रियल एस्टेट दिग्गज शामिल हैं। ये सभी कंपनियां प्राइम अर्बन सेंटर्स में बड़े रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स डेवलप करती हैं। GPL की यह थाणे डील उन्हें इस डायनामिक रियल एस्टेट कॉरिडोर में मार्केट शेयर के लिए सीधे मुकाबले में ला खड़ा करती है।

थाणे रियल एस्टेट का हाल

थाणे का रियल एस्टेट मार्केट लगातार तरक्की कर रहा है। 2025 की शुरुआत में मिड-प्रीमियम और प्रीमियम इलाकों में डिमांड अच्छी देखी गई। जुलाई 2025 तक, थाणे में प्रॉपर्टी की कीमतों में सालाना करीब 4% का उछाल आया था, और औसत प्रॉपर्टी कीमत ₹13,078 प्रति वर्ग फुट दर्ज की गई। मुंबई शहर की तुलना में थाणे में प्रॉपर्टी थोड़ी किफायती होने के साथ-साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी प्रदान कर रहा है, जो इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक जगह बनाता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को इस प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान, लॉन्च की समय-सीमा, शुरुआती बुकिंग के रुझान, कंस्ट्रक्शन की प्रगति और नियामक अप्रूवल्स पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। कंपनी की भविष्य की लैंड एक्विजिशन स्ट्रैटेजी और थाणे व MMR रीजन के समग्र रियल एस्टेट मार्केट के सेंटिमेंट पर भी बारीकी से नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।

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