रिकॉर्ड सेल्स, पर प्रॉफिट पर दबाव
Godrej Properties (GPL) ने FY25 के लिए रिकॉर्ड तोड़ प्री-सेल्स और बुकिंग दर्ज की है, जो कंपनी के अपने अनुमानों से भी 5% अधिक रही। पूरे वित्तीय वर्ष में ₹34,170 करोड़ की सेल्स हासिल हुई। चौथे क्वार्टर (Q4 FY25) में बुकिंग 21% बढ़कर ₹10,160 करोड़ पर पहुंच गई, जो GPL का अब तक का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन था। इस दौरान 7.3 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया बेचा गया।
प्रॉफिट में 19% की गिरावट
सेल्स में इस रिकॉर्ड उछाल के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव देखा गया। Q4 FY25 में नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹471 करोड़ की तुलना में 19% गिरकर ₹382 करोड़ रह गया। यह गिरावट तब आई जब कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48.77% बढ़कर ₹2,122 करोड़ हो गया। EBITDA में भी 6% की कमी आई और यह ₹567 करोड़ रहा। इसकी मुख्य वजह कुल एक्सपेंसेस में 54% की भारी बढ़ोतरी रही, जो ₹2,079 करोड़ तक पहुंच गए। नतीजतन, नेट प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 24.1% से घटकर 14.4% हो गया। कंपनी का कलेक्शन 17% बढ़कर ₹20,000 करोड़ हो गया, पर यह इंटरनल टारगेट से 5% कम रह गया। अच्छी बात यह है कि ऑपरेशनल कैश फ्लो 5% बढ़कर ₹7,830 करोड़ हो गया।
रियल एस्टेट सेक्टर पर मंदी का साया
यह मिले-जुले नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब पूरा रियल एस्टेट सेक्टर FY26 में सुस्ती के संकेत दे रहा है। अनुमान है कि इस साल प्रॉपर्टी की बिक्री में ग्रोथ दर घटकर 4-7% रह सकती है, जो पिछले कुछ सालों की मजबूत तेजी से काफी कम है। इसके पीछे प्रॉपर्टी प्राइसेस में बढ़ोतरी, पिछले साल के मजबूत नंबर्स से तुलना और लग्जरी सेगमेंट में कम होती डिमांड जैसे कारण हैं। पिछले साल FY25 में बिके घरों से ज्यादा नए घर लॉन्च हुए, जिससे अनसोल्ड इन्वेंट्री बढ़ गई है। यह इन्वेंट्री FY26 तक 3 साल से अधिक समय तक बिकने लायक हो सकती है, जिससे मार्जिन पर और दबाव बढ़ सकता है।
विश्लेषकों की चिंताएं और राय
Godrej Properties का मार्केट कैप करीब ₹51,702 करोड़ है और इसका TTM P/E ratio लगभग 33.06x है। विश्लेषक कंपनी के प्रदर्शन में इस विरोधाभास को लेकर चिंतित हैं। वे लगातार Godrej Properties की कैश फ्लो जनरेशन पर सवाल उठाते रहे हैं, जिसे शेयर के वैल्यूएशन को बढ़ाने के लिए अहम माना जाता है। बढ़ती कंस्ट्रक्शन कॉस्ट और आने वाले समय में डिमांड में संभावित नरमी के चलते प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। सेक्टर की सुस्ती से डील क्लोजर में देरी और अनसोल्ड इन्वेंट्री बढ़ने का खतरा है, जो प्राइसिंग पावर पर भी दबाव डाल सकता है। इस साल अब तक शेयर में 22% की गिरावट आ चुकी है, जो बाजार की इन चिंताओं को दर्शाता है।
इसके बावजूद, कई एक्सपर्ट्स Godrej Properties को लेकर सतर्कता के साथ पॉजिटिव हैं। 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) की कंसेंसस रेटिंग है और 12-महीने का एवरेज प्राइस टारगेट ₹2,096 से ₹2,306 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से 31-38% तक की बढ़ोतरी का संकेत देता है। JM Financial और HDFC Securities जैसे ब्रोकरेज 'बाय' रेटिंग दे रहे हैं, हालांकि HDFC Securities ने सेक्टर के लिए अपने टारगेट प्राइस कम किए हैं। वहीं, Nomura का नजरिया 'न्यूट्रल' (Neutral) और Nuvama का 'होल्ड' (Hold) है।