Godrej Properties और Orris Infrastructure ने गुरुग्राम स्थित 'Godrej Air' रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद को सुलझा लिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने संबंधित FIR को रद्द कर दिया है और सभी लुक आउट सर्कुलर वापस ले लिए हैं, जिससे प्रोजेक्ट के लिए बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई है।
विवाद का हुआ समाधान
Godrej Properties Limited और Orris Infrastructure Private Limited ने सेक्टर 85, गुरुग्राम में स्थित 'Godrej Air' हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर चल रही कानूनी खींचतान को औपचारिक रूप से खत्म कर लिया है। 3 सितंबर, 2026 को जारी आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस सेटलमेंट को रिकॉर्ड पर लिया है।
कोर्ट का बड़ा फैसला
न्यायालय ने मुंबई के विक्रोली पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 183/2026 को रद्द करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, इस मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ जारी सभी 'लुक आउट सर्कुलर' (Look Out Circulars) को तुरंत प्रभाव से वापस लेने के आदेश दिए गए हैं। यह घटनाक्रम Orris Infrastructure के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित गुप्ता की रिहाई के बाद आया है, जिन्हें अगस्त 2026 के अंत में हिरासत में लिया गया था।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह विवाद मुख्य रूप से लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) के रिकॉर्ड और स्टेक ट्रांसफर से जुड़ी जटिलताओं के कारण शुरू हुआ था। इस सुलह से प्रोजेक्ट के काम में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं, जिससे निर्माण कार्य के फिर से सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है। रियल एस्टेट सेक्टर में ज्वाइंट डेवलपमेंट मॉडल के तहत गवर्नेंस और अनुपालन (Compliance) का महत्व एक बार फिर सामने आया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और प्रोजेक्ट की पारदर्शिता पर होगी ताकि भविष्य में ऐसी प्रशासनिक अड़चनों से बचा जा सके।
