Godrej Properties ने दिल्ली-NCR में पिछले 12 महीनों में **3,000** से ज्यादा रेजिडेंशियल यूनिट्स का कब्जा देकर अपनी एग्जीक्यूशन रफ्तार को साबित कर दिया है। इसमें नोएडा स्थित Godrej Nest प्रोजेक्ट भी शामिल है।
प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में तेजी
कंपनी ने अपनी मार्केट पोजिशन को मजबूत करने की रणनीति के तहत पिछले एक साल में 3,000 से ज्यादा यूनिट्स ग्राहकों को सौंपी हैं। इस सफलता में सबसे अहम नाम नोएडा के सेक्टर 150 में स्थित Godrej Nest प्रोजेक्ट का है। यह प्रोजेक्ट पहले रेगुलेटरी अप्रूवल के कारण फंस गया था, जिसे अब कंपनी ने सभी सरकारी मानकों को पूरा करते हुए सफलतापूर्वक हैंडओवर करना शुरू कर दिया है। ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब घर खरीदारों का सपना पूरा हो रहा है।
कैश फ्लो और बिजनेस का गणित
रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना रेवेन्यू रिकग्निशन और कैश फ्लो के लिहाज से बहुत जरूरी है। दिल्ली-NCR, खासकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का इलाका, कंपनी के लिए हाई-फोकस जोन बना हुआ है। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
ग्राहकों की बदलती पसंद
कंपनी अब अपनी स्ट्रैटेजी को बाजार की बदलती नब्ज के हिसाब से ढाल रही है। मैनेजमेंट के अनुसार, आज के खरीदार सजावट के बजाय 'प्रैक्टिकल डिजाइन' और 'लाइफस्टाइल-ओरिएंटेड लक्जरी' को तरजीह दे रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी फैमिली-सेंट्रिक लेआउट्स पर जोर दे रही है।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा मॉनिटरेबल यह है कि क्या कंपनी अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में भी यही रफ्तार बनाए रख सकती है। रेगुलेटरी बाधाओं को पार कर प्रोजेक्ट पूरा करना कंपनी की काबिलियत तो दिखाता है, लेकिन रियल एस्टेट में प्रोजेक्ट में होने वाली देरी हमेशा से एक बड़ा रिस्क रही है। आने वाले समय में कंपनी की सेल्स ग्रोथ और डिलीवरी ट्रैक रिकॉर्ड ही तय करेगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ है।
