Godrej Properties ने अपने दशक पुराने 'Godrej Eternia' प्रोजेक्ट की पर्यावरण मंजूरी रद्द होने के खिलाफ National Green Tribunal (NGT) का दरवाजा खटखटाया है। मंत्रालय का कहना है कि प्रोजेक्ट वाइल्डलाइफ नियमों का उल्लंघन करता है, जबकि कंपनी इसे नियमों के दायरे में बता रही है। इस खबर के बाद शेयर में **2.01%** की गिरावट देखी गई।
कानूनी विवाद की जड़
Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) ने 30 सितंबर, 2026 को जारी आदेश में कहा था कि सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के पास होने के कारण इस प्रोजेक्ट को National Board for Wildlife से मंजूरी लेनी चाहिए थी। मुख्य विवाद बफर जोन की दूरी को लेकर है। मंत्रालय 10 किलोमीटर के दायरे को मानक मान रहा है, जबकि Godrej Properties का कहना है कि उनका प्रोजेक्ट सैंक्चुअरी से 6.6 किलोमीटर दूर है। कंपनी ने जनवरी 2017 की नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रोजेक्ट उस समय के सभी तय नियमों के अनुसार ही बनाया गया था, जिसमें इको-सेंसिटिव जोन 2.75 किलोमीटर निर्धारित था।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता?
यह कानूनी लड़ाई पुरानी है। इससे पहले जुलाई 2024 में चंडीगढ़ प्रशासन ने बिल्डिंग प्लान और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिए थे। कंपनी CBI की एक FIR का भी सामना कर रही है, जिसे लेकर मामला कोर्ट में चल रहा है। इस अनिश्चितता के कारण मार्केट में दबाव साफ़ है। खबर के असर से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर 2.01% गिरकर ₹1,595.80 पर बंद हुआ।
आगे क्या रहेगा अहम?
निवेशकों की नजर अब NGT की सुनवाई पर है। कंपनी का अगला कदम और ट्रिब्यूनल का रुख ही तय करेगा कि प्रोजेक्ट का ऑपरेशनल स्टेटस क्या रहेगा। CBI जांच और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट से जुड़े अपडेट्स इस शेयर के लिए बड़े 'ट्रिगर' साबित होंगे।
