सेल्स में उछाल, पर मुनाफे पर सवाल?
Godrej Properties ने Q3 FY26 में अपने प्रदर्शन से जहां एक तरफ निवेशकों को उत्साहित किया है, वहीं दूसरी ओर कंपनी की लागतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। कंपनी की बुकिंग वैल्यू में 54.6% का तगड़ा इजाफा हुआ, जो कि 6.43 मिलियन स्क्वायर फीट की होम सेल्स से आया। वहीं, ग्राहकों से कलेक्शन भी 39.5% बढ़कर ₹4,282 करोड़ पर पहुंच गया। इन सबके बीच, तीन नए प्रोजेक्ट्स को जोड़ने की योजना है, जिनसे भविष्य में ₹8,400 करोड़ की बुकिंग होने की उम्मीद है।
नेगेटिव EBITDA और ब्रोकरेज की राय
इतने मजबूत सेल्स नंबर के बावजूद, कंपनी ने ₹197 करोड़ का नेगेटिव EBITDA दर्ज किया है। इसका मुख्य कारण मटेरियल कॉस्ट में 39.8% की भारी बढ़ोतरी और कर्मचारी व ऑपरेशनल खर्चों में वृद्धि को बताया जा रहा है। यह स्थिति सेक्टर के दूसरे बड़े खिलाड़ियों जैसे DLF, Prestige Estates और Oberoi Realty के बिल्कुल उलट है, जिनकी EBITDA मार्जिन 15% से 30% तक रहती है।
इस तस्वीर के विपरीत, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Geojit Financial Services ने Godrej Properties के शेयर पर 'BUY' रेटिंग दी है और ₹2,096 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह टारगेट FY28 के अनुमानित बुक वैल्यू के आधार पर दिया गया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी निकट भविष्य में मार्जिन दबाव और अन्य आय पर निर्भरता के बावजूद आगे अच्छा प्रदर्शन करेगी।
'अन्य आय' पर टिका मुनाफा?
कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹194 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 22.5% अधिक है। हालांकि, इस मुनाफे में 'अन्य आय' (other income) का योगदान 97.5% तक बढ़ा है, जो कि चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि यह आय का स्थायी स्रोत नहीं माना जाता। विश्लेषकों का कहना है कि इस पर ज्यादा निर्भरता भविष्य में आय की स्थिरता पर सवाल खड़े करती है।
आगे की राह: दबाव और उम्मीदें
Godrej Properties के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अपनी मजबूत बिक्री की गति को बनाए रखें और साथ ही बढ़ती लागतों पर काबू पाएं। बाजार इस बात का इंतजार कर रहा है कि कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को कैसे सुधारेगी और 'अन्य आय' पर अपनी निर्भरता कैसे कम करेगी। कुल मिलाकर, ब्रोकरेज फर्मों का रूख सावधानी भरी उम्मीद का है, ज्यादातर 'होल्ड' या 'बाय' रेटिंग के साथ।