Go First की 95 एकड़ जमीन की नीलामी के लिए रिजर्व प्राइस (Reserve Price) को लगभग 30% घटाकर ₹1,375 करोड़ कर दिया गया है। यह नीलामी 20 अगस्त को होगी, क्योंकि बैंकों का समूह ₹3,918 करोड़ से अधिक के बकाए की वसूली करना चाहता है। जून 2024 में इसी प्रॉपर्टी को ऊंची कीमत पर बेचने की कोशिश असफल रही थी।
Detailed Coverage
बैंकों ने घटाया रिजर्व प्राइस
बंद पड़ी एयरलाइन Go First के इनसॉल्वेंसी (Insolvency) प्रोसेस को संभाल रहे बैंकों के समूह ने मुंबई के पास ठाणे में स्थित 95 एकड़ जमीन की बिक्री के लिए एक नया प्रयास शुरू किया है। जून 2024 में प्रॉपर्टी की बिक्री का पहला प्रयास नाकाम रहने के बाद, लेंडर्स (Lenders) ने रिजर्व प्राइस (Reserve Price) को काफी कम कर दिया है। नई कीमत ₹1,375 करोड़ रखी गई है, जो कि पिछली ₹1,965 करोड़ की कीमत से लगभग 30% कम है।
क्यों हो रही है नीलामी?
यह जमीन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक जैसे बैंकों के समूह द्वारा Go First को दिए गए लोन के लिए कोलेटरल (Collateral) के तौर पर रखी गई थी। ये बैंक 31 अगस्त 2023 तक कुल ₹3,918 करोड़ से अधिक की बकाया राशि की वसूली करना चाहते हैं, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं। SARFAESI Act के तहत, जब पहली बार में संकटग्रस्त संपत्ति (Distressed Asset) को बेचने में खरीदार नहीं मिलते, तो बैंक रिजर्व प्राइस घटाकर नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
रियल एस्टेट मार्केट का दबाव
यह प्रॉपर्टी मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में है, जो आम तौर पर रियल एस्टेट के लिए एक हाई-वैल्यू मार्केट माना जाता है। हालांकि, इतनी बड़ी संकटग्रस्त संपत्ति को बेचना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। मौजूदा मार्केट सेंटिमेंट (Market Sentiment) को देखते हुए, डेवलपर्स (Developers) फिलहाल पैसा बचाने पर ध्यान दे रहे हैं और बड़ी प्रॉपर्टी की सीधी खरीद के बजाय जॉइंट वेंचर (Joint Venture) को प्राथमिकता दे रहे हैं। लेंडर्स को इन बातों का ध्यान रखते हुए ही इस हाई-वैल्यू एसेट को बेचना होगा।
भविष्य की उम्मीदें
ठाणे की यह जमीन इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) के विकास के कारण निवेशकों के लिए रुचि का केंद्र बनी हुई है। मुंबई मेट्रो लाइन 4, घोड़बंदर रोड के पास रोड चौड़ीकरण और टनल प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से इस इलाके में कनेक्टिविटी (Connectivity) बेहतर होने की उम्मीद है। 20 अगस्त को होने वाली नीलामी का नतीजा निवेशकों और बाजार पर नजर रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर (Indicator) होगा। यह देखना अहम होगा कि क्या यह घटाई गई कीमत लेंडर्स की उम्मीदों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के रिस्क एपेटाइट (Risk Appetite) के बीच के अंतर को पाट पाती है। अगर नीलामी में बोलियां आती हैं, तो यह लेंडर्स के लिए रिकवरी प्रोसेस (Recovery Process) में एक बड़ा कदम साबित होगा।
