रियल्टी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Gaurs Group ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए **₹5,500 करोड़** का सेल्स बुकिंग टारगेट रखा है। कंपनी नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे में **3-4** नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
विस्तार की नई योजना
दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट मार्केट में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए Gaurs Group ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। कंपनी मार्च 2027 तक नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के इलाकों में 3 से 4 नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स उतारने की योजना बना रही है। बता दें कि Gaursons India प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, लेकिन इसके नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्टेड हैं, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहती है।
प्रीमियम सेगमेंट पर जोर
ग्रुप अब अपने घरों को और ज्यादा प्रीमियम बनाने की कोशिश में है। इसी दिशा में कंपनी ने जर्मन ब्रांड Seaform के साथ 5 साल का एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है, जिसकी वैल्यू ₹150 करोड़ है। इस पार्टनरशिप के तहत कंपनी अपने रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में यूरोपियन स्टैंडर्ड के मॉड्यूलर किचन और वार्डरोब इंस्टॉल करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
चूंकि कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशक इसके डेट इंस्ट्रूमेंट्स और कैश फ्लो को ट्रैक करते हैं। ICRA जैसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां कंपनी की सेल्स वेलोसिटी और कर्ज चुकाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखती हैं। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रोजेक्ट्स को तय समय पर पूरा करना है ताकि कैश फ्लो मजबूत रहे।
जोखिम और चुनौतियां
NCR के रियल एस्टेट मार्केट में ब्याज दरों और डिमांड साइकिल का सीधा असर पड़ता है। अगर निर्माण कार्य में देरी होती है या मार्केट में डिमांड कम होती है, तो कंपनी के मार्जिन्स और कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए, प्रोजेक्ट कंप्लीशन की टाइमलाइन और इन्वेंट्री की बिक्री की रफ्तार पर नजर रखना बॉन्ड होल्डर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।
