गुजरात स्थित GIFT City में कमर्शियल ऑफिस स्पेस की डिमांड आसमान छू रही है और ऑक्यूपेंसी लगभग **100%** पर पहुंच गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए मार्च तक **3 मिलियन स्क्वायर फीट** नई जगह तैयार की जाएगी।
तेजी का नया केंद्र
GIFT City में जगह की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। मार्च तक 3 मिलियन स्क्वायर फीट नया ऑफिस स्पेस बाजार में आने की उम्मीद है। यह कदम प्रीमियम कमर्शियल प्रॉपर्टी की बढ़ती कमी को दूर करने के लिए उठाया जा रहा है।
रणनीति में बड़ा बदलाव
अब यह हब सिर्फ फाइनेंशियल सर्विसेज तक सीमित नहीं रहना चाहता। यहाँ का फोकस अब सेमीकंडक्टर R&D और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की तरफ शिफ्ट हो रहा है। Micron जैसी कंपनियों के साथ बातचीत इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे यहाँ एक मजबूत टेक-इकोसिस्टम तैयार किया जा सके।
बदलता फाइनेंशियल मॉडल
लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी के लिए GIFT City अब सरकारी फंडिंग के बजाय प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप और सर्विस-आधारित रेवेन्यू पर जोर दे रहा है। वित्त वर्ष 2027 तक स्कूल, होटल और सर्विस अपार्टमेंट्स जैसे सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की योजना भी पाइपलाइन में है, ताकि इसे एक आत्मनिर्भर शहर बनाया जा सके।
रेंटल और चुनौतियां
तेजी का एक पहलू यह भी है कि पिछले 18 महीनों में रेंटल प्राइसेज में करीब 10% का इजाफा हुआ है। यह कॉरपोरेट इंटरेस्ट को तो दिखाता है, लेकिन कंपनियों के लिए ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन नए ऑफिस स्पेस को समय पर डिलीवर कर रेंटल दरों को प्रतिस्पर्धी बनाए रख पाता है या नहीं।
