प्रॉपर्टी स्कैम का खुलासा, Forbes फाउंडर गिरफ्तार
Gurugram पुलिस ने 32nd Avenue के फाउंडर Dhruv Dutt Sharma को एक बड़े प्रॉपर्टी घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। यह घोटाला करीब ₹500 करोड़ का बताया जा रहा है। शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने एक ही कमर्शियल प्रॉपर्टी फ्लोर को 2021 से 2023 के बीच 25 से ज़्यादा अलग-अलग खरीदारों को बेच दिया। प्रारंभिक पूछताछ में शर्मा ने आरोपों को स्वीकार भी कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें आगे की जांच के लिए छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
कैसे हुआ निवेशकों के साथ धोखा?
Gurugram पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (Economic Offences Wing) इस मामले की जांच कर रही है। मामले की शुरुआत 2021 में Trom Ventures Private Limited की शिकायत से हुई। Trom Ventures ने 32 Milestone Building की पहली मंजिल पर स्थित 3,000 स्क्वायर फुट का एक कमर्शियल यूनिट ₹2.5 करोड़ में खरीदने का एग्रीमेंट किया था। कंपनी ने सितंबर 2021 तक पूरी पेमेंट भी कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रॉपर्टी का मालिकाना हक (conveyance deed) उनके नाम पर रजिस्टर नहीं किया गया, कई बार फॉलो-अप और लीगल नोटिस के बाद भी।
जांच में सामने आया कि इसी एक प्रॉपर्टी यूनिट को करीब 25 अन्य लोगों को भी बेचा गया था। इन खरीदारों के साथ Growth Hospitality Private Limited नाम की एक दूसरी कंपनी के तहत 30 साल के लीज एग्रीमेंट किए गए थे, जबकि प्रॉपर्टी का मालिकाना हक कानूनी तौर पर ट्रांसफर नहीं हुआ था।
FIR दर्ज, धोखाधड़ी के आरोप
Civil Lines पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी (cheating), आपराधिक विश्वासघात (criminal breach of trust), जालसाजी (forgery) और आपराधिक षड्यंत्र (criminal conspiracy) जैसी धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शर्मा ने 2021 में ₹2.5 करोड़ में इस प्रॉपर्टी को बेचने का सौदा किया था, लेकिन कन्वेयेंस डीड एग्जीक्यूट नहीं की और बाद में इसे कई अन्य लोगों को बेच दिया।
कंपनी का बचाव
इस बीच, 32nd Avenue के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा है कि Trom Ventures के साथ विवाद आपसी समझ से सुलझा लिया गया है। प्रवक्ता ने भुगतान में देरी का कारण प्रॉपर्टी में किरायेदार बदलने से आई अस्थायी वेकेंसी (vacancy) को बताया। कंपनी का कहना है कि कुछ जगहों पर साइक्लिकल वेकेंसी के कारण हुए रेपुटेशनल इंपैक्ट (reputational impact) का उन्हें अफसोस है, जबकि कंपनी का ऑपरेशनल परफॉरमेंस दशकों से मजबूत रहा है।
निवेशक के भरोसे पर सवाल
Dhruv Dutt Sharma, जिन्हें 2018 में Forbes की 30 Under 30 लिस्ट में जगह मिली थी, अब गंभीर धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से Gurugram के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में निवेशकों का भरोसा हिल गया है। इस घटना से डेवलपर्स के लिए प्रॉपर्टी डील में ज़्यादा ड्यू डिलिजेंस (due diligence) और रेगुलेटरी स्क्रूटनी (regulatory scrutiny) की उम्मीद की जा रही है।