Festive Home Buying: घर खरीदने का बना रहे हैं प्लान? बुकिंग से पहले इन 6 खतरों पर रखें नजर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Festive Home Buying: घर खरीदने का बना रहे हैं प्लान? बुकिंग से पहले इन 6 खतरों पर रखें नजर

फेस्टिव सीजन में बिल्डर्स लुभावने ऑफर्स की बौछार कर देते हैं, लेकिन कई बार ये चमक-धमक वित्तीय जोखिमों को छिपा लेती है। घर बुक करने से पहले बेस प्राइस की जांच, कानूनी दस्तावेजों की वेरिफिकेशन और पारदर्शी कॉस्ट शीट की मांग करना बेहद जरूरी है।

भारत में फेस्टिव सीजन के दौरान रियल एस्टेट डेवलपर्स मार्केटिंग का जाल बिछाते हैं, जिसमें लग्जरी इंटीरियर से लेकर भारी डिस्काउंट तक के वादे किए जाते हैं। ये ऑफर्स अक्सर ग्राहकों में जल्दबाजी पैदा करते हैं, लेकिन असल निवेश की कीमत समझने के लिए आपको इन लुभावने दावों से परे देखना होगा। लापरवाही न केवल आपको वित्तीय संकट में डाल सकती है, बल्कि कानूनी विवादों का कारण भी बन सकती है।

प्राइस इन्फ्लेशन और छुपे हुए खर्चों से बचें

त्योहारी सीजन में सबसे आम हथकंडा बेस प्राइस को बढ़ाकर दिखाना है। डेवलपर्स पहले दाम बहुत ज्यादा कोट करते हैं और फिर डिस्काउंट का झांसा देते हैं। इससे बचने के लिए उसी इलाके में हाल ही में हुए अन्य ट्रांजैक्शंस से रेट्स की तुलना करें। कई बार बिल्डर पार्किंग, मॉड्यूलर किचन या एसी जैसी चीजों को 'फ्री' बताकर टोटल कॉस्ट में जोड़ देते हैं। हमेशा एक आइटम-वाइज कॉस्ट शीट मांगें। यदि डेवलपर ब्रेकडाउन देने से मना करे, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है।

कानूनी दस्तावेजों की जांच अनिवार्य

कोई भी मार्केटिंग ऑफर कानूनी वेरिफिकेशन की जगह नहीं ले सकता। सबसे पहले संबंधित राज्य के RERA पोर्टल पर जाकर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन चेक करें। इससे पता चलता है कि प्रोजेक्ट रेगुलेटर की निगरानी में है। यदि आप 'रेडी-टू-मूव' प्रॉपर्टी देख रहे हैं, तो ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मांगना गैर-मोलतोल (non-negotiable) है। इसके अलावा, जमीन के टाइटल डॉक्यूमेंट्स की जांच करें ताकि भविष्य में मालिकाना हक को लेकर कोई विवाद न हो।

पेमेंट स्कीम को समझें

'अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें' जैसी फ्लेक्सिबल पेमेंट स्कीम्स उन लोगों के लिए आकर्षक होती हैं जिनके पास लिक्विडिटी की कमी है। हालांकि, ये अक्सर ऊंची कुल लागत या कंस्ट्रक्शन माइलस्टोन के साथ आने वाली 'बैलून पेमेंट्स' को छिपाती हैं। एग्रीमेंट साइन करने से पहले अपना पूरा लोन टेन्योर और फाइनेंशियल कमिटमेंट समझें। याद रखें कि स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और मेंटेनेंस डिपॉजिट अक्सर प्रोमोशनल पैकेज में शामिल नहीं होते। हमेशा 'टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप' पर गौर करें, न कि सिर्फ शुरुआती बुकिंग अमाउंट पर।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.