Faridabad Real Estate: इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट से चमक उठा फरीदाबाद, प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ा निवेशकों का भरोसा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Faridabad Real Estate: इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट से चमक उठा फरीदाबाद, प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ा निवेशकों का भरोसा

फरीदाबाद अब गुरुग्राम और नोएडा के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए **₹3,630 करोड़** के ग्रीनफील्ड लिंक प्रोजेक्ट और बढ़ते निवेश ने यहां की रियल एस्टेट डिमांड को रफ्तार दी है। पिछले एक साल में प्रॉपर्टी की कीमतों में **17%** का उछाल आया है, फिर भी यह पड़ोसी शहरों के मुकाबले काफी किफायती है।

एनसीआर (NCR) के रियल एस्टेट मैप पर फरीदाबाद की तस्वीर बदल रही है। एक समय जिसे गुरुग्राम और नोएडा के पीछे माना जाता था, वह अब किफायती विकल्पों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दम पर स्मार्ट चॉइस बन गया है।

संस्थागत निवेशकों की एंट्री

इस बदलाव का सबसे बड़ा संकेत मार्केट में बड़े फंड्स की एंट्री है। अगस्त 2026 में, Blackstone समर्थित ASK Property Fund ने Bhumika Group के साथ मिलकर ₹125 करोड़ का निवेश किया है। संस्थागत खिलाड़ी फरीदाबाद के बड़े और खाली लैंड पार्सल्स को बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, जहां गुरुग्राम जैसी भीड़भाड़ के बिना बेहतरीन प्रोजेक्ट्स डेवलप किए जा सकते हैं।

कनेक्टिविटी से बढ़ी कीमतें

सरकार ने फरीदाबाद को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए ₹3,630.77 करोड़ के कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट में 11 किमी लंबा एलिवेटेड रोड शामिल है, जो इसे ईस्टर्न पेरिफेरल और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।

Housing.com के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में फरीदाबाद में रेजिडेंशियल कीमतें ₹9,000 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं। यह सालाना आधार पर 17.08% की ग्रोथ है। तुलना के लिए देखें तो, नोएडा में रेट्स ₹10,780 और गुरुग्राम में ₹13,350 प्रति वर्ग फुट के करीब हैं।

निवेशकों के लिए चुनौतियां

बाजार का रुख सकारात्मक जरूर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए फरीदाबाद को सिर्फ एक 'रेजिडेंशियल हब' से आगे निकलना होगा। शहर में कॉर्पोरेट ऑफिस और हाई-एंड सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी एक बड़ा जोखिम है। अगर यहां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर नहीं बढ़े, तो डिमांड लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। साथ ही, इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के पूरा होने में देरी भी रिटर्न पर असर डाल सकती है, इसलिए निवेशकों को प्रोजेक्ट डिलीवरी की गति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.