लग्जरी घरों की बंपर डिमांड
Experion SAATORI प्रोजेक्ट की इस शानदार शुरुआत से Experion Developers का रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 तक ₹5,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पिछले साल की कमाई से दोगुना से भी ज्यादा होगा। कंपनी ने इस ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत नोएडा के सेक्टर 151 में ₹450 करोड़ में 5 एकड़ जमीन भी खरीदी है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का कमाल
SAATORI की इस बंपर बिक्री के पीछे सेक्टर 151, नोएडा में इसकी प्राइम लोकेशन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar) के खुलने से बढ़ी हुई कनेक्टिविटी का बड़ा हाथ है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण, इस इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही 158% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि प्लॉट्स की कीमतों में 536% का उछाल देखा गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एयरपोर्ट के चलते अगले दो सालों में प्लॉट्स की कीमतों में 28% और अपार्टमेंट्स की कीमतों में 22% की और बढ़ोतरी हो सकती है।
Experion की स्ट्रेटेजी और फाइनेंस
Experion Developers, जो सिंगापुर की Experion Holdings Pte. Ltd. का हिस्सा है, SAATORI प्रोजेक्ट में डिजाइन और वेलनेस पर खास ध्यान दे रही है। 5 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में तीन टावर हैं, जिनमें हर फ्लोर पर सिर्फ चार 3 और 4 BHK अपार्टमेंट्स हैं। यह लग्जरी बायर्स की प्राइवेसी और स्पेस की मांग को पूरा करता है। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ भी मजबूत रही है, जो FY24 में ₹500 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹1,150 करोड़ हो गई और FY26 तक ₹5,000 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, कंपनी पर ₹872.08 करोड़ का ओपन चार्ज भी है, जो इसके लीवरेज्ड ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दर्शाता है।
नोएडा का लग्जरी मार्केट: गुड़गांव को टक्कर
नोएडा अब रियल एस्टेट में गुड़गांव को कड़ी टक्कर दे रहा है। यहां लग्जरी घरों की कीमतें ₹25,000 से ₹35,000 प्रति वर्ग फुट हैं, जो गुड़गांव के ₹40,000 से ₹55,000 प्रति वर्ग फुट से काफी कम है। Max Estates, Gaurs Group, Godrej Properties, ATS Infrastructure जैसे बड़े डेवलपर्स यहां लग्जरी प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं। खरीदार अब ब्रैंडेड रेजिडेंस, इंटीग्रेटेड लिविंग स्पेस और प्रोफेशनल प्रॉपर्टी मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं की तलाश में हैं।
मार्केट में जोखिम और सावधानी
SAATORI की सफलता के बावजूद, भारत के ओवरऑल रियल एस्टेट मार्केट में कुछ चिंताएं भी हैं। नई प्रोजेक्ट लॉन्च की तुलना में बिक्री धीमी पड़ रही है, जिससे FY27 तक अनसोल्ड इन्वेंटरी 3 साल से ऊपर जा सकती है। प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतों के चलते बायर्स भी थोड़ा सतर्क हो रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, 56% हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स का मानना है कि FY27 में लग्जरी रेजिडेंशियल मार्केट थोड़ा ठंडा पड़ सकता है। हालांकि लग्जरी सेगमेंट आमतौर पर मजबूत रहता है, लेकिन कुछ इलाकों में ओवरसप्लाई का खतरा है और कीमतों में 10–25% तक की गिरावट आ सकती है। Experion की ₹872.08 करोड़ की देनदारियां भी कंपनी की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन क्षमता पर सवाल उठाती हैं।
आगे का आउटलुक
आगे चलकर, 2026 में भारत के हाउसिंग मार्केट में स्थिर ग्रोथ की उम्मीद है। प्रॉपर्टी की कीमतों में 3–5% की मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। नोएडा का लग्जरी मार्केट, खासकर ज्यूर एयरपोर्ट के बूते, अगले कुछ सालों में 30-40% की प्राइस एप्रिसिएशन के लिए तैयार है। हालांकि, खरीदार अब वैल्यू फॉर मनी और प्रोजेक्ट क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिससे डेवलपर्स को डिलीवरी और वैल्यू पर जोर देना होगा।