Aditya Birla Real Estate: Emkay Global का 'Buy' रेटिंग बरकरार, टारगेट ₹1,750

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Aditya Birla Real Estate: Emkay Global का 'Buy' रेटिंग बरकरार, टारगेट ₹1,750

Emkay Global ने Aditya Birla Real Estate पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए ₹1,750 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी के पेपर डिविजन की बिक्री के बाद मजबूत बैलेंस शीट के चलते बिज़नेस में सुधार आएगा, हालांकि फिलहाल कंपनी को ऑपरेशनल घाटा हो रहा है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Emkay Global की राय

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने Aditya Birla Real Estate (ABREL) पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और प्रति शेयर ₹1,750 का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कंपनी डेवलपमेंट के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, और वित्तीय वर्ष 2028 से प्री-सेल्स में ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

पेपर बिज़नेस बेचने का असर

Century Pulp and Paper बिज़नेस को ITC Limited को ₹33 बिलियन में बेचने के बाद कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन में बड़ा बदलाव आया है। इस डील से मिले पैसों का इस्तेमाल ₹400 करोड़ के कमर्शियल पेपर को पूरी तरह से चुकाने में किया गया है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है और बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए लिक्विडिटी बढ़ी है। चालू फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी ने ₹26 बिलियन ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स को सुरक्षित कर लिया है और अपने पाइपलाइन में और प्रोजेक्ट्स जोड़ने की कोशिश कर रही है।

हालिया फाइनेंशियल्स को समझना

भले ही भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन कंपनी के हालिया नतीजों में इसके ट्रांज़िशन फेज की झलक दिखती है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, ABREL ने ₹66.9 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा ₹47.3 करोड़ था। EBITDA लॉस ₹55.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹39.9 करोड़ की तुलना में अधिक है। इन बॉटम-लाइन चुनौतियों के बावजूद, ऑपरेशन में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जैसे प्रोजेक्ट्स से कैश कलेक्शन ₹7.1 बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 31% ज्यादा है।

ध्यान रखने योग्य मुख्य जोखिम

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी फिलहाल ग्रोथ के लिए भविष्य के बिज़नेस डेवलपमेंट पर बहुत अधिक निर्भर है। घाटे वाले ऑपरेशनल स्ट्रक्चर से प्रॉफिटेबल बनने का यह सफर नए प्रोजेक्ट पाइपलाइन के सफल एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगा। इसमें प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने जैसे जोखिम शामिल हैं, जो रियल एस्टेट सेक्टर में आम हैं। इसके अलावा, कंपनी रेवेन्यू रिकॉग्निशन के लिए 'कंप्लीटेड कॉन्ट्रैक्ट' मेथड का उपयोग करती है, जिससे फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में उतार-चढ़ाव आ सकता है। ब्रोकरेज का वैल्यूएशन मॉडल 6x Enterprise Value to Embedded EBITDA मल्टीपल का उपयोग करता है, और यह मानता है कि कंपनी अपने ग्रोथ टारगेट को हासिल कर लेगी। इसलिए, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की असल गति शेयरधारकों के लिए ट्रैक करने का एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।

आगे की राह में, निवेशकों को नए प्रोजेक्ट लॉन्च की टाइमलाइन और FY28 के लिए अनुमानित प्री-सेल्स को बढ़ाने में कंपनी की सफलता पर नज़र रखनी होगी। मैनेजमेंट की हाई कलेक्शन रेट बनाए रखने और ऑपरेशन को स्केल करने की क्षमता भी कंपनी की हेल्थ का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.