Embassy Office Parks REIT ने अपने निवेशकों के लिए ₹670 करोड़ के रिकॉर्ड डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू में **16%** की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जिसके पीछे मुख्य रूप से ग्लोबल कंपनियों (GCCs) की ओर से ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग है।
रिकॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन और फाइनेंशियल हेल्थ
Embassy Office Parks REIT ने अपने शेयरधारकों के लिए प्रति यूनिट ₹7.07 के हिसाब से कुल ₹670 करोड़ के रिकॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन की घोषणा की है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 9% ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹1,303 करोड़ हो गया, जबकि नेट ऑपरेटिंग इनकम ₹1,069 करोड़ रही।
GCCs का जादू
कंपनी की ग्रोथ के पीछे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का सबसे बड़ा हाथ है। कुल लीजिंग डिमांड में इनकी हिस्सेदारी 85% रही। कंपनी ने इस तिमाही में 1.5 मिलियन स्क्वायर फीट के नए लीज एग्रीमेंट साइन किए, जिसमें मौजूदा मार्केट रेट से औसतन 9% का प्रीमियम हासिल किया गया। बेंगलुरु के Embassy TechVillage में एक ग्लोबल इंजीनियरिंग फर्म के साथ 0.5 मिलियन स्क्वायर फीट का प्री-लीज समझौता हुआ, जिस पर 15% का प्रीमियम मिला।
पोर्टफोलियो और डेट मैनेजमेंट
रणनीतिक विस्तार के तहत कंपनी ने मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 8,048 स्क्वायर फीट रिटेल स्पेस एक्वायर किया और चेन्नई में 0.6 मिलियन स्क्वायर फीट का ऑफिस ब्लॉक पूरा किया। कंपनी का कुल पोर्टफोलियो ऑक्यूपेंसी लेवल 93% है, जबकि मुंबई के सभी प्रॉपर्टीज पूरी तरह भरी हुई हैं। बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कंपनी ने 7.14% की ब्लेंडेड ब्याज दर पर ₹2,050 करोड़ का कर्ज जुटाया है, जिसमें ₹1,000 करोड़ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए लेंडिंग फ्रेमवर्क के तहत लिए गए हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
हालांकि प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन कंपनी का भविष्य काफी हद तक ग्लोबल टेक सेक्टर की हायरिंग और विस्तार योजनाओं पर निर्भर है। निवेशकों को सलाह है कि वे ऑक्यूपेंसी लेवल पर नजर रखें। इस पेआउट के लिए रिकॉर्ड डेट 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है और निवेशकों के खाते में पैसा 6 नवंबर 2026 तक आ जाएगा।
