Embassy Developments ने मुंबई के जुहू स्थित अपने 'Embassy Terazza' प्रोजेक्ट का एक रेजिडेंशियल टॉवर Angel One के फाउंडर दिनेश ठक्कर को **₹711 करोड़** में बेचा है। जहां यह डील लग्जरी हाउसिंग की भारी मांग को दर्शाती है, वहीं जून 2026 तिमाही में कंपनी का बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
लग्जरी प्रॉपर्टी पर दांव
यह बड़ी डील मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में से एक, जुहू में स्थित 'Embassy Terazza' प्रोजेक्ट के तहत हुई है। इसमें 63,000 स्क्वायर फीट का RERA कार्पेट एरिया शामिल है। इस प्रोजेक्ट का कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹3,000 करोड़ से ज्यादा आंका गया है, जो कंपनी के बड़े पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा है।
फाइनेंशियल हेल्थ का विरोधाभास
एक तरफ जहां कंपनी की बिक्री बढ़ रही है, वहीं कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव साफ दिख रहा है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹234.40 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹165.64 करोड़ था। हालांकि, ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी की प्री-सेल्स में 338% का जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹868 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि कलेक्शन भी 54% बढ़कर ₹496 करोड़ रहा है।
डेट और भविष्य की राह
लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए कंपनी ने ₹160 करोड़ जुटाने का फैसला किया है। इसके लिए बोर्ड ने 16,000 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दी है, जिनकी कीमत ₹1 लाख प्रति डिबेंचर रखी गई है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी मजबूत प्री-सेल्स को नेट प्रॉफिट में कैसे बदलती है। साथ ही, बढ़ते कर्ज के स्तर और नए फंड्स के इस्तेमाल पर नजर रखना जरूरी है ताकि कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को समझा जा सके।
