Embassy Developments ने नील विरवानी को अपना नया चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) नियुक्त किया है। 1 अक्टूबर से पदभार संभालने वाले विरवानी मुंबई और दिल्ली में कंपनी के विस्तार का जिम्मा संभालेंगे।
नई लीडरशिप और विस्तार की रणनीति
बोर्ड और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, नील विरवानी 1 अक्टूबर, 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। विरवानी का मुख्य फोकस मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख रियल एस्टेट मार्केट्स में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करना होगा। अप्रैल 2024 से Embassy Group के साथ जुड़े रहे विरवानी अब कंपनी के प्रोजेक्ट स्ट्रक्चरिंग और पोर्टफोलियो ग्रोथ की कमान संभालेंगे।
बड़े लक्ष्य और प्रोजेक्ट पाइपलाइन
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए आक्रामक लक्ष्य रखे हैं। Embassy Developments ने अपने खुद के प्रोजेक्ट्स से ₹6,000 करोड़ और डेवलपमेंट मैनेजमेंट पोर्टफोलियो से ₹2,000 करोड़ यानी कुल ₹8,000 करोड़ की प्री-सेल्स का टारगेट रखा है। कंपनी 11 प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनका ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹19,800 करोड़ रहने का अनुमान है।
वित्तीय चुनौतियां और रिस्क फैक्टर
विस्तार की योजनाओं के बीच कंपनी के सामने वित्तीय चुनौतियां भी कम नहीं हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी को ₹234.29 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। कंपनी पर भारी कर्ज की लागत (Borrowing Costs) का दबाव बना हुआ है, जो भविष्य में मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा, निवेशकों के लिए शेयरहोल्डिंग का डेटा भी महत्वपूर्ण है। 4 सितंबर, 2026 को Catalyst Trusteeship Limited ने 4.43 करोड़ शेयरों पर से गिरवी (Pledge) हटाई है। हालांकि, अभी भी प्रमोटर के लगभग 13% शेयर गिरवी रखे हुए हैं, जिसे लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स अपनी नजर बनाए हुए हैं। नई लीडरशिप के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के साथ-साथ कर्ज के बोझ को कम करना होगा।
