📈 बिक्री में बम्पर उछाल, पर कमाई पर सवाल?
Embassy Developments Limited (EDL) ने Q3 FY26 के लिए शानदार सेल्स नंबर पेश किए हैं। कंपनी की प्री-सेल्स (Pre-sales) तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 240% बढ़कर ₹1,392 करोड़ पर पहुंच गईं। इसके दम पर 9 महीने (9M) FY26 में कुल प्री-सेल्स ₹1,999 करोड़ रहीं, जो पिछले साल की तुलना में 46% की ग्रोथ दिखाती हैं। कंपनी ने इस दौरान Embassy Greenshore, Embassy Eden जैसे दो नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट और Embassy East Business Park लॉन्च किए।
📉 निगेटिव EBITDA और NCLT का डर
सेल्स में इस दमदार उछाल के बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) Q3 FY26 में -₹101 करोड़ रहा। वहीं, 9M FY26 के लिए यह -₹107 करोड़ रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि यह पुराने प्रोजेक्ट्स की लागत और CAM (Common Area Maintenance) के एडवांस पेमेंट के कारण हुआ है। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि नए प्रोजेक्ट्स से मार्जिन में सुधार होगा।
🏦 कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन
आंकड़ों की बात करें तो, FY26 के नौ महीनों के अंत तक, EDL की कुल नेट वर्थ लगभग ₹10.3 हजार करोड़ थी और नेट डेट (Net Debt) करीब ₹3.0 हजार करोड़ था। कैश और कैश इक्विवेलेंट्स (Cash and Cash Equivalents) लगभग ₹670 करोड़ पर थे। इससे डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 0.36x रहा, जबकि ग्रॉस इंस्टीट्यूशनल डेट (Gross Institutional Debt) करीब ₹3.7 हजार करोड़ था।
🚩 चिंता का सबब: NCLT और ASM फ्रेमवर्क
कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता NCLT (National Company Law Tribunal) में दिसंबर 2025 में दर्ज हुई एक इनसॉल्वेंसी (Insolvency) याचिका है। यह मामला 2011 के एक पुराने Indiabulls Real Estate से जुड़ा है। हालांकि कंपनी को NCLAT (National Company Law Appellate Tribunal) से स्टे (Stay) मिल गया है और वे इसे गलत मानते हैं, फिर भी NSE ने उनके शेयरों को ASM (Advance Surveillance Measure) फ्रेमवर्क में डाल दिया है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि यह स्थिति संभाली जा सकती है और बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
🚀 आगे क्या? मर्जर और भविष्य की योजनाएं
EDL ने Nam Estates Private Limited और Embassy One Commercial Property Developments Private Limited के साथ मर्जर (Merger) भी पूरा कर लिया है। कंपनी का फोकस प्री-सेल्स को बढ़ाने, मुंबई मार्केट में ब्रांडिंग मजबूत करने और कमर्शियल एसेट्स का योगदान बढ़ाने पर है। मैनेजमेंट ने FY26 के लिए ₹5,000 करोड़ के प्री-सेल्स का लक्ष्य दोहराया है और अगले तीन सालों में ₹21 हजार करोड़ के प्री-सेल्स का अनुमान लगाया है।