Emami Realty Share Price: निवेशकों के होश उड़े! Q3 में घाटा कई गुना बढ़ा, रेवेन्यू आधा, जानें क्या है वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Emami Realty Share Price: निवेशकों के होश उड़े! Q3 में घाटा कई गुना बढ़ा, रेवेन्यू आधा, जानें क्या है वजह
Overview

Emami Realty Limited के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue) में सालाना आधार पर (YoY) **47%** की भारी गिरावट आई है, जो कि ₹489.11 करोड़ पर आ गया है। इसके साथ ही, नेट लॉस (Net Loss) में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।

📉 Q3 FY26 में Emami Realty के आंकड़े

Emami Realty Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और नौ महीनों के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की कमजोर परफॉर्मेंस को दर्शाते हैं।

रेवेन्यू में भारी गिरावट:
तिमाही दर तिमाही (YoY) आधार पर, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 47% घटकर ₹489.11 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹916.94 करोड़ था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी इसी रुझान के साथ ₹489.12 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹916.94 करोड़ था।

नौ महीनों की अवधि (9M FY26) में स्थिति और भी गंभीर रही। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 63% की भारी गिरावट देखी गई और यह ₹1,990.90 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹5,423.14 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,006.72 करोड़ पर सिमट गया, जो पहले ₹6,374.14 करोड़ था।

घाटे में लगातार बढ़ोतरी:
इस रेवेन्यू की गिरावट का सीधा असर कंपनी के घाटे पर पड़ा है। स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) Q3 FY26 में बढ़कर ₹3,727.35 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹3,558.05 करोड़ था। नौ महीनों में यह घाटा और बढ़कर ₹12,364.05 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹4,659.12 करोड़ से काफी ज्यादा है। कंसोलिडेटेड नेट लॉस भी Q3 में ₹3,727.66 करोड़ और नौ महीनों में ₹12,362.21 करोड़ रहा।

जिसके चलते, नौ महीनों के लिए बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) स्टैंडअलोन आधार पर ₹28.42 प्रति शेयर का भारी नुकसान रहा, जो पिछले साल ₹12.31 था।

खर्चे और बैलेंस शीट की चिंताएं

कंपनी के खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी गई, खासकर प्रोजेक्ट एक्सपेंसेस (Project Expenses) और 'अन्य खर्चे' (Other expenses) बढ़े हैं, जिससे घाटा और बढ़ा है। कंपनी ने तिमाही में ₹28 करोड़ और नौ महीनों में ₹74.16 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस (impairment loss) दर्ज किया है। साथ ही, नए लेबर कोड लागू होने से ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटीज़ (gratuity and leave liabilities) में ₹6.82 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी की बैलेंस शीट बताती है कि प्रमोटर ग्रुप एंटिटीज़ को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotment) के बाद पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल (paid-up equity share capital) बढ़कर ₹8.76 करोड़ हो गया है। लेकिन, ₹(17,999.59) करोड़ के भारी निगेटिव रिजर्व्स (negative reserves) के साथ कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) बुरी तरह प्रभावित हुई है।

जोखिम और आगे का रास्ता

कंपनी के लिए सबसे बड़ा जोखिम लगातार गिरता रेवेन्यू और बढ़ता घाटा है, जिसकी वजह से नेट वर्थ बुरी तरह कमज़ोर हो गई है। रेवेन्यू में गिरावट के कारणों पर स्पष्टता न होना और मैनेजमेंट की ओर से कोई गाइडेंस (guidance) या फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स (forward-looking statements) का अभाव निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

कंपनी के सांविधिक ऑडिटर (statutory auditors), Agrawal Tandon and Co., ने सीमित समीक्षा (limited review) पर अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinions) दिया है, जिसका मतलब है कि वित्तीय विवरण (financial statements) अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (accounting standards) के अनुसार हैं। हालांकि, यह कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ी मूल समस्याओं को हल नहीं करता। भविष्य में निवेशकों की नज़र उन स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स (strategic initiatives) पर रहेगी जो रेवेन्यू को स्थिर कर सकें और कंपनी की नाजुक वित्तीय स्थिति को सुधार सकें।

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