एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने Vatika Group के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए **₹33 करोड़** की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह मामला **₹260 करोड़** के कथित प्लॉट फ्रॉड से जुड़ा है, जिसमें निवेशकों को सालों से पजेशन नहीं मिला है।
एजेंसी ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की है। जांच का केंद्र Vatika Group के दिल्ली-NCR स्थित प्रोजेक्ट्स 'Vatika India Next' और 'Vatika India Next-2' हैं।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि कंपनी ने 2010 से 2012 के बीच आवासीय प्लॉट देने का वादा करके होमबायर्स से ₹260 करोड़ से अधिक जुटाए थे। 14 साल बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में लोगों को घर का पजेशन नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया है कि जो प्लॉट दिए गए, उनकी वैल्यू जमा की गई राशि के मुकाबले बहुत कम थी।
छापेमारी में क्या मिला?
ED ने सात ठिकानों पर छापेमारी की, जहां 14 प्लॉट को मूल खरीदारों की जानकारी के बिना ही तीसरे पक्ष को बेचने के सबूत मिले हैं। जब्त की गई संपत्तियों में लग्जरी गाड़ियां, ज्वेलरी और प्रमोटर्स—अनिल भल्ला, गौतम भल्ला और गौरव भल्ला से जुड़ी बैंक अकाउंट्स व सिक्योरिटीज शामिल हैं।
हालांकि Vatika Limited एक अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इस तरह की कानूनी कार्यवाही से रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा डगमगाता है और प्रोजेक्ट्स में देरी की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल एजेंसी फंड्स के हेरफेर की ट्रेल को ट्रैक कर रही है और आने वाले दिनों में कंपनी की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
