एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने Ozone Urbana Infra Developers के चेयरमैन S. Vasudevan को गिरफ्तार कर लिया है। मामला **₹927 करोड़** के कथित फंड घोटाले और होमबॉयर्स के साथ हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है।
एजेंसी ने 30 सितंबर, 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए Ozone Urbana के मुखिया S. Vasudevan को हिरासत में लिया है। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की ED कस्टडी में भेजा है, जो 14 अक्टूबर, 2026 तक चलेगी।
धोखाधड़ी का तरीका (Modus Operandi)
जांच में सामने आया है कि कंपनी ने 'नो प्री-ईएमआई टिल पजेशन' (no pre-EMI till possession) स्कीम के नाम पर घर खरीदारों को लुभाया था। आरोप है कि होमबॉयर्स से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन में करने के बजाय, कंपनी ने इसे अपनी दूसरी इंटरनल इकाइयों में डायवर्ट कर दिया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस पूरे पैसे की हेराफेरी की जांच की जा रही है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
यह कंपनी पर कोई पहली गाज नहीं गिरी है। पिछले साल ED ने ग्रुप की ₹423.38 करोड़ की संपत्ति को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए कुर्क किया था। इसके अलावा, सितंबर 2026 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही को रद्द करने की याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिससे जांच का रास्ता साफ हो गया था।
खरीदारों के सामने भविष्य का संकट
Ozone Urbana एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसका सीधा असर शेयर बाजार पर नहीं होगा। लेकिन उन हजारों घर खरीदारों के लिए चिंता बढ़ गई है, जो अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी के लीडर के कस्टडी में होने के कारण अब प्रोजेक्ट्स के पूरा होने और निवेश की गई रकम की रिकवरी पर भारी अनिश्चितता छा गई है। अब नजरें कस्टोडियल पूछताछ पर टिकी हैं, जिससे यह पता चलेगा कि आखिर फंड कहां ठिकाने लगाए गए थे।
