Dhuleva Group: मुंबई में लक्जरी हाउसिंग का बड़ा दांव, ₹1,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का ऐलान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Dhuleva Group: मुंबई में लक्जरी हाउसिंग का बड़ा दांव, ₹1,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का ऐलान

Dhuleva Group ने दक्षिण मुंबई के मरीन लाइन्स इलाके में एक बड़े लक्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू **₹1,000 करोड़** आंकी गई है, जिसे क्लस्टर रीडेवलपमेंट मॉडल के जरिए पूरा किया जाएगा।

Dhuleva Group ने दक्षिण मुंबई के मरीन लाइन्स के पास 2 एकड़ जमीन के लिए डेवलपमेंट राइट्स हासिल कर लिए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत 1 मिलियन स्क्वायर फीट का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि इस साइट पर रह रहे 270 से अधिक परिवारों का पुनर्वास भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा।

क्लस्टर रीडेवलपमेंट का मास्टर प्लान

मुंबई में खाली जमीन की भारी किल्लत है, जिसके चलते डेवलपर्स अब क्लस्टर रीडेवलपमेंट की ओर रुख कर रहे हैं। इस रणनीति के तहत कई पुरानी इमारतों को एक साथ मिलाकर एक बड़े प्रोजेक्ट में बदला जाता है। Dhuleva Group का यह प्रोजेक्ट DCPR 2034 के रेगुलेशन 33(9) के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे कंपनी को उच्च FSI (Floor Space Index) का लाभ मिलेगा। इससे डेवलपर्स को बड़े फ्लोर प्लेट्स बनाने में मदद मिलती है, जो आधुनिक लक्जरी टावर्स के लिए बेहद जरूरी हैं।

निर्माण और चुनौतियां

हालांकि यह मॉडल जमीन खरीदने की बाधाओं को दूर करता है, लेकिन इसमें सरकारी मंजूरी और मौजूदा निवासियों के पुनर्वास जैसी जटिलताएं भी शामिल हैं। कंपनी ने अभी इस प्रोजेक्ट को योजना चरण में रखा है, जिसका निर्माण 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। कंस्ट्रक्शन शुरू होने के बाद इसे 4 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि यह दक्षिण मुंबई के प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट की बढ़ती मांग और शहरी नवीनीकरण की रफ्तार को भी दर्शाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.