Delhi Hostel Policy: सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन, हॉस्टल के लिए FAR नियमों में ढील की तैयारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Delhi Hostel Policy: सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन, हॉस्टल के लिए FAR नियमों में ढील की तैयारी

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सरकार अब छात्र हॉस्टलों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) नियमों को आसान बनाने पर विचार कर रही है। इस नीति का उद्देश्य स्टूडेंट हाउसिंग की कमी को दूर करना और सभी PG के लिए अनिवार्य स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट लागू करना है।

दिल्ली सरकार 6 सितंबर, 2026 को सत्य निकेतन इलाके में हुई इमारत ढहने की दुखद घटना के बाद एक्शन मोड में है। इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन अब स्ट्रक्चरल सेफ्टी को प्राथमिकता दे रहा है और हाउसिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए रेगुलेटरी बदलावों की तैयारी कर रहा है।

क्या है FAR नियम और इसका असर?

छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की किल्लत को देखते हुए सरकार FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) लिमिट्स में बदलाव कर रही है। सरल शब्दों में, FAR यह तय करता है कि किसी प्लॉट पर कितनी मंजिला इमारत बनाई जा सकती है। इसे बढ़ाकर सरकार प्रॉपर्टी मालिकों को पुरानी और असुरक्षित इमारतों को आधुनिक और मजबूत हॉस्टलों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।

रेगुलेटरी क्रैकडाउन की आहट

री-डेवलपमेंट प्लान के साथ-साथ, सरकार ने सभी PG और कोचिंग सेंटरों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है। जो मालिक इन मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन पर भारी जुर्माना या सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है। शॉर्ट टर्म में, इससे छोटे और गैर-अनुपालन वाले हॉस्टलों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

मार्केट पर असर

इस नीति से स्टूडेंट हाउसिंग मार्केट में अस्थायी तौर पर घरों की कमी हो सकती है क्योंकि पुरानी इमारतों को सेफ्टी जांच के लिए बंद किया जाएगा। हालांकि, 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047' के तहत यह कदम भविष्य में अधिक संगठित और सुरक्षित हाउसिंग के निर्माण का रास्ता साफ करेगा। फिलहाल निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स की नजर सरकार की अगली नोटिफिकेशन पर है, जिसमें ऑडिट की टाइमलाइन और निर्माण राहत के मानदंड साफ होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.