Delhi-NCR Retail Leasing: 78% की बंपर बढ़त, फैशन और F&B की धूम!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Delhi-NCR Retail Leasing: 78% की बंपर बढ़त, फैशन और F&B की धूम!

दिल्ली-NCR में रिटेल स्पेस की लीजिंग (Leasing) 2024 के पहले हाफ (H1) में 78% बढ़कर **1.3 मिलियन वर्ग फुट** तक पहुंच गई है। फैशन और फूड एंड बेवरेज (F&B) सेक्टर से आई जबरदस्त मांग ने इस उछाल को हवा दी है। यह बताता है कि प्राइम मॉल स्पेस की सप्लाई कम हो रही है और बड़े ब्रांड्स क्वालिटी रिटेल जगहों को तरजीह दे रहे हैं।

Detailed Coverage

रिटेल सेक्टर में बंपर उछाल

दिल्ली-NCR के रिटेल रियल एस्टेट मार्केट ने 2024 की पहली छमाही में लीजिंग एक्टिविटी में शानदार तेजी दर्ज की है। कुल लीज्ड स्पेस 1.3 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 78% ज्यादा है। यह ग्रोथ रिटेलर्स के लिए प्राइम लोकेशंस पर फोकस करने और कस्टमर्स को आकर्षित करने की मजबूत रिकवरी और एक्सपेंशन ट्रेंड को दिखाती है।

सेक्टर की परफॉरमेंस और मॉल का जलवा

इस डिमांड में फैशन सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसने कुल लीज्ड स्पेस का 28% हिस्सा लिया। इसके बाद फूड एंड बेवरेज (F&B) इंडस्ट्री 16% के साथ दूसरे नंबर पर रही, और डिपार्टमेंटल स्टोर्स 12% रहे। Cushman & Wakefield के आंकड़ों के मुताबिक, शॉपिंग मॉल्स में लीजिंग वॉल्यूम पिछले साल की समान अवधि की तुलना में दोगुना हो गया। हाई स्ट्रीट लोकेशंस में भी 4% की बढ़त देखी गई, जो दिखाता है कि बड़े रिटेल के लिए मॉल्स पसंदीदा हैं, लेकिन पुरानी शॉपिंग स्ट्रीट्स भी ब्रांड्स की स्ट्रैटेजी में अहम हैं।

टाइट सप्लाई का असर

प्रीमियम स्पेस के लिए बढ़ी हुई कम्पटीशन के चलते वेकेंसी रेट (Vacancy Rates) कम हुए हैं और रेंटल एग्रीमेंट्स मजबूत हुए हैं। ग्रेड A मॉल्स, जो अक्सर हाई-ट्रैफिक या पॉश इलाकों में होते हैं, उनमें वेकेंसी रेट लगभग 6% दर्ज की गई। वहीं, ग्रेड B+ मॉल्स में वेकेंसी रेट 13% रही। इससे पता चलता है कि रिटेलर्स क्वालिटी एसेट्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, जिनसे फुटफॉल और कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर होने की उम्मीद है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और डेवलपर्स के लिए यह ट्रेंड ऑक्यूपेंसी और रेंटल इनकम बनाए रखने में एसेट क्वालिटी के महत्व को रेखांकित करता है।

रीजनल ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर

रिटेल स्पेस के साथ हॉस्पिटैलिटी, ऑफिस और रेजिडेंशियल यूनिट्स को मिलाकर बनने वाले इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट (Integrated Developments) नए प्रोजेक्ट्स के लिए पसंदीदा मॉडल बन रहे हैं। इससे डेवलपर्स को फुटफॉल मैनेज करने में आसानी होती है। गुरुग्राम इस रीजन में ग्रोथ का एक अहम इंजन बना हुआ है, जहां प्रीमियम ऑफिस स्पेस और बढ़ती रेजिडेंशियल पॉपुलेशन का जमावड़ा है। नए रिटेल कॉरिडोर उभरने के साथ, फोकस उन लोकेशंस पर शिफ्ट हो रहा है जहां प्लान्ड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड्स का फायदा मिलता है, और जो रेजिडेंशियल हब और लीजर डेस्टिनेशंस के बीच की दूरी को कम करते हैं।

निवेशक दिल्ली-NCR रीजन में बड़े पैमाने पर एक्सपोजर वाले ग्रेड A मॉल ऑपरेटर्स और डेवलपर्स के प्रदर्शन पर नजर रख सकते हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि रेंटल ग्रोथ नई सप्लाई से आगे निकलती है या नहीं, और डेवलपर्स कैसे बढ़ती कंस्ट्रक्शन कॉस्ट और वर्ल्ड-क्लास रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड के बीच संतुलन बनाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.