DLF को NHAI से गुरुग्राम के शंकर चौक के पास अंडरपास और फ्लाईओवर बनाने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी अपने साइबर सिटी हब के पास ट्रैफिक कम करने के लिए खुद **₹300 करोड़** का निवेश कर रही है, जो उसके मजबूत कैश सरप्लस को दर्शाता है।
प्रोजेक्ट की बारीकियां
इस प्रोजेक्ट में 600 मीटर लंबा थ्री-लेन अंडरपास और 1.3 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन फ्लाईओवर शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य शंकर चौक के पास ट्रैफिक की भीड़ को खत्म करना है, जो कंपनी के साइबर सिटी और डाउनटाउन बिजनेस हब का मुख्य प्रवेश द्वार है। यह कदम 35 एकड़ में फैले डाउनटाउन प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है, जहां भविष्य में रोजाना 1.5 लाख लोगों की आवाजाही होने का अनुमान है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
DLF इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च खुद उठा रही है। FY26 की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के डेवलपमेंट बिजनेस पर कोई कर्ज नहीं है और उनके पास ₹14,155 करोड़ का नेट कैश सरप्लस मौजूद है। यही वजह है कि कंपनी बिना किसी नए कर्ज के इतना बड़ा निवेश करने में सक्षम है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
हालांकि यह कनेक्टिविटी के लिए अच्छा है, लेकिन निवेशकों को इसके एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण निर्माण कार्यों पर रोक (Construction Ban) और कच्चे माल की बढ़ती लागत प्रोजेक्ट की समयसीमा और बजट को प्रभावित कर सकती है।
1 अक्टूबर, 2026 को DLF का शेयर 2.31% गिरकर ₹658.40 पर बंद हुआ। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी कितनी कुशलता से इस प्रोजेक्ट को पूरा करती है।
