रियल एस्टेट दिग्गज DLF के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबर आई है। ब्रोकरेज फर्म Elara Capital ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस तो घटाकर **₹900** कर दिया है, लेकिन 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी ने **₹8** प्रति शेयर डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है।
Elara Capital का नया 'व्यू'
Elara Capital ने DLF Ltd पर अपनी रिपोर्ट में शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,050 से घटाकर ₹900 कर दिया है। हालांकि, फर्म का मानना है कि कंपनी अभी भी खरीदने लायक है और उन्होंने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। यह कदम कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों के बाद आया है।
तिमाही नतीजों पर एक नज़र
DLF ने FY26 की मार्च तिमाही में ₹1,269 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.1% कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से आय (Income) में कमी के कारण आई है। कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹8 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड (Dividend) की भी घोषणा की है।
ब्रोकरेज की राय के पीछे का लॉजिक
Elara Capital के अनुसार, शेयर की कीमत और कंपनी के नेट एसेट वैल्यू (NAV) यानी कंपनी की प्रॉपर्टीज और एसेट्स का कुल अनुमानित मूल्य, देनदारियों को घटाकर, के बीच एक बड़ा अंतर है। ब्रोकरेज फर्म ने पाया कि DLF के शेयर मार्च 2027 के अनुमानित NAV पर लगभग 40% के डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं। टारगेट प्राइस में कटौती के बावजूद, यह नोट किया गया है कि पिछले एक साल में स्टॉक ने Nifty Realty Index की तुलना में 8% का अंडरपरफॉर्मेंस दिखाया है।
मजबूत कैश फ्लो और इनकम
तिमाही मुनाफे में मामूली गिरावट के बावजूद, कंपनी का कैश जेनरेट करने का दम बरकरार है। DLF ने पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने कोर रेजिडेंशियल ऑपरेटिंग कैश फ्लो में 23% की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो ₹78 अरब तक पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी के पास लगभग 50 मिलियन वर्ग फुट का एक मजबूत एन्युटी पोर्टफोलियो है, जिससे लगातार रेंटल इनकम आती है। इस पोर्टफोलियो में 95% से अधिक की ऑक्यूपेंसी है और FY27 के लिए रेंटल इनकम का अनुमान ₹82 अरब रखा गया है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नई रणनीति
DLF, जो पहले गुरुग्राम (Gurugram) में एक मजबूत खिलाड़ी थी, अब नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में अन्य बड़े डेवलपर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। इस वजह से FY26 में प्री-सेल्स (Presales) में 5% की सालाना गिरावट का अनुमान है। इस चुनौती से निपटने के लिए, कंपनी अब मुंबई (Mumbai) मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह कदम अहम है क्योंकि मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतें और मार्जिन अक्सर NCR की तुलना में अधिक होते हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को मौजूदा कर्ज और नकदी की स्थिति के साथ कैसे संतुलित करती है। डेवलपमेंट आर्म में कंपनी के पास ₹141 अरब की नेट कैश पोजीशन है। निवेशकों को नए प्रोजेक्ट लॉन्च की गति, लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट की डिमांड और मुंबई में विस्तार योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी NCR में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा पाती है या नहीं।
