DLF का बड़ा दांव: कोलकाता प्रॉपर्टी बेची, रेंटल बिजनेस पर फोकस
DLF ने अपनी कोलकाता स्थित बड़ी प्रॉपर्टी 670 करोड़ रुपये में बेच दी है। यह रियल एस्टेट दिग्गज कंपनी का एक बड़ा रणनीतिक कदम है, जिसका सीधा असर अब उसके मुख्य रेंटल बिजनेस पर पड़ेगा। इस सौदे के जरिए DLF अपने पोर्टफोलियो को और स्मार्ट बना रही है।
डील का पूरा हिसाब-किताब
DLF ने Srijan Group के साथ यह डील फाइनल की है। इसमें कोलकाता टेक पार्क और करीब 25.9 एकड़ ज़मीन शामिल है। डील के तहत, IT/ITeS SEZ प्रॉपर्टी की बिक्री से ₹409.86 करोड़ और खाली ज़मीन से ₹260 करोड़ की रकम हासिल होगी। यह पिछले साल Kolkata Tech Park 1 को ₹637 करोड़ में बेचने के बाद DLF का एक और महत्वपूर्ण कदम है।
रेंटल बिजनेस में बंपर ग्रोथ
इस स्ट्रैटेजिक डिवेस्टमेंट का एक मुख्य मकसद DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL) जैसे अपने दमदार रेंटल बिजनेस पर फोकस बढ़ाना है। DCCDL ने Q3FY26 में 18% की सालाना ग्रोथ दिखाते हुए ₹1,878 करोड़ का रेवेन्यू और ₹707 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, EBITDA ₹1,464 करोड़ रहा।
शानदार ऑक्युपेंसी और डिमांड
दिसंबर 2025 के अंत तक, DLF की रेंटल प्रॉपर्टीज में 5-5.5% की मामूली वैकेंसी रेट (खालीपन) थी, जो कि वैल्यू के हिसाब से लगभग 3.5% है। कंपनी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री राम खट्टर ने बताया कि BFSI और टेक्नोलॉजी सेक्टर्स की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की मजबूत डिमांड इस ग्रोथ की वजह है।
रियल एस्टेट सेक्टर का मजबूत आउटलुक
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर 2026 में दमदार ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। अनुमान है कि ऑफिस स्पेस की लीजिंग में 55 मिलियन वर्ग फुट की नेट एब्जॉर्प्शन देखी जा सकती है। टाइट वैकेंसी और बढ़ते रेंट इसे इन्वेस्टर्स के लिए भी खास बना रहे हैं।
DLF का मार्केट में दम
DLF, मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा लिस्टेड रियल एस्टेट डेवलपर है, जिसका मार्केट कैप करीब ₹1.55-1.60 लाख करोड़ है। कंपनी का P/E रेशियो 36-37x के आसपास है। हालांकि कुछ एनालिस्ट्स ने हालिया समय में ** Bewertungen** पर थोड़ी नरमी दिखाई है, Motilal Oswal जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस DLF पर BUY रेटिंग के साथ ₹993 का टारगेट दे रहे हैं, जो कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताता है।