रियल्टी दिग्गज DLF ने दूसरी तिमाही के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **11%** बढ़कर **₹1,301 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे लक्जरी रेजिडेंशियल डिमांड और रेंटल इनकम का बड़ा सपोर्ट मिला है।
मुनाफे में बढ़त, रेवेन्यू में सुस्ती
वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में DLF का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। जहां कंपनी ने 11% के इजाफे के साथ ₹1,301 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, वहीं पहली छमाही (H1) के दौरान कुल आय 25% घटकर ₹3,903 करोड़ पर आ गई है। कंपनी के मुताबिक, पहली तिमाही में किसी भी नए प्रोजेक्ट के लॉन्च न होने का सीधा असर रेवेन्यू पर पड़ा है।
लक्जरी प्रोजेक्ट्स का दबदबा
रेजिडेंशियल सेगमेंट में कंपनी ने ₹3,800 करोड़ की नई सेल्स बुकिंग दर्ज की है। गुरुग्राम में 'The Aureva' रिटायरमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह बिक चुका है और 'The Dahlias' सुपर-लक्जरी प्रोजेक्ट में खरीदारों की भारी दिलचस्पी देखने को मिली है। प्रीमियम संपत्तियों की यह मांग कंपनी के कैश फ्लो को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
रेंटल बिजनेस बना ढाल
DLF Cyber City Developers का रेंटल बिजनेस कंपनी के लिए स्टेबलाइजर का काम कर रहा है। इस डिवीजन का नेट प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹752 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 9% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,537 करोड़ पर पहुंच गया। करीब 5 करोड़ स्क्वायर फीट का विशाल पोर्टफोलियो और हाई ऑक्यूपेंसी लेवल कंपनी की आय को स्थिरता दे रहे हैं।
मजबूत कैश पोजीशन
कंपनी की वित्तीय सेहत काफी मजबूत है। डिविडेंड के तौर पर ₹1,980 करोड़ बांटने के बाद भी कंपनी के पास ₹15,084 करोड़ की नेट कैश पोजीशन है। साथ ही, 47% का ग्रॉस मार्जिन और ऑपरेशंस से ₹1,858 करोड़ का कैश जनरेशन यह बताता है कि आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के लिए लिक्विडिटी की कोई समस्या नहीं होगी। अब बाजार की नजर इस पर है कि कंपनी अपने आगामी प्रोजेक्ट पाइपलाइन को कितनी तेजी से बाजार में उतारती है।
