रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी DLF ने गुरुग्र्राम में एक नई सीनियर लिविंग (वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास) प्रोजेक्ट लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत **₹2,000 करोड़** है। साथ ही, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए **₹20,000 करोड़** के सालाना बिक्री लक्ष्य की भी पुष्टि की है।
सीनियर लिविंग सेगमेंट में DLF का कदम
DLF लिमिटेड अपने रेजिडेंशियल पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहा है और सीनियर लिविंग सेगमेंट में एंट्री की घोषणा की है। गुरुग्र्राम के सेक्टर 63 में, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर यह प्रोजेक्ट करीब 5 लाख वर्ग फुट में फैला होगा। इससे कंपनी को ₹2,000 करोड़ तक की बिक्री की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी उन अमीर रिटायर लोगों की मांग को पूरा करने की कोशिश करेगी जो विशेष सामुदायिक सुविधाओं की तलाश में हैं।
बिक्री लक्ष्य और मार्केट आउटलुक
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में बिक्री बुकिंग में 94% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹657 करोड़ से घटकर आई है। हालांकि, कंपनी के मैनेजमेंट का अपने सालाना गाइडेंस पर पूरा भरोसा है। कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹20,000 करोड़ की बिक्री बुकिंग का लक्ष्य दोहराया है। मैनेजमेंट का मानना है कि तिमाही में गिरावट का मुख्य कारण नए प्रोजेक्ट लॉन्च के समय में बदलाव है, न कि खरीदारों की रुचि में कमी। इसी अवधि में, DLF का नेट प्रॉफिट 4% बढ़कर ₹794 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹1,605.56 करोड़ था।
लग्जरी सेगमेंट में मजबूती
कंपनी अल्ट्रा-लग्जरी मार्केट पर फोकस बनाए हुए है। 'The Dahlias' प्रोजेक्ट में अच्छी डिमांड देखी जा रही है, जिसमें करीब 65% इन्वेंट्री पहले ही बिक चुकी है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में कीमतें ₹1 लाख प्रति वर्ग फुट से ऊपर पहुंच गई हैं, और कुछ प्रीमियम यूनिट्स ₹1.20 लाख से ₹1.25 लाख प्रति वर्ग फुट तक में बिकी हैं। इन यूनिट्स की कीमत ₹100 करोड़ से ₹170 करोड़ के बीच है। खास बात यह है कि खरीदारों के भौगोलिक प्रोफाइल में भी बदलाव आया है, जिसमें 25-30% मांग अब नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के बाहर और अप्रवासी भारतीयों (NRIs) से आ रही है।
गोवा प्रोजेक्ट और कानूनी स्थिति
DLF गोवा में भी एक प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च करने की योजना बना रहा है। हालांकि, पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) के कारण यह प्रोजेक्ट फिलहाल रुका हुआ है। मैनेजमेंट ने बताया कि सभी जरूरी अप्रूवल मिल चुके हैं, लेकिन कंपनी ने लॉन्च को तब तक के लिए टाल दिया है जब तक कि कोर्ट मामले पर पूरी कानूनी स्पष्टता नहीं आ जाती। यह प्रोजेक्ट कंपनी के कुल सालाना बिक्री लक्ष्य का लगभग 10% है, और कंपनी का कहना है कि इस देरी से उसके पूरे साल के वित्तीय अनुमानों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है।
आगे, DLF के पास एक बड़ी डेवलपमेंट पाइपलाइन तैयार है। कंपनी बाजार में करीब 2.5 करोड़ वर्ग फुट का रेजिडेंशियल स्पेस लाने की तैयारी कर रही है, जिसकी अनुमानित कुल बिक्री ₹60,000 करोड़ से अधिक हो सकती है। निवेशकों को इन लॉन्चों की प्रगति और गोवा के कानूनी मामले के समाधान पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही कंपनी की पूरे वित्तीय वर्ष में बिक्री की गति बनाए रखने की क्षमता पर भी ध्यान देना होगा।
